भाजपा को धोखेबाज बताने लगे किसान नेता

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फरीदाबाद। भारत की जनता का पेट भरने वाला, देश का किसान ही यदि भूखा मरे तो फिर ऐसी हकूमत किस काम की। भाजपा देश में विकास, किसान को खुशहाल करने और कर्ज मुक्त करने के नाम पर सत्ता में आई थी, मगर लगभग चार वर्ष पूरे होने के बाद भी किसान दुखी और दयनीय हालत में हैं।
भारतीय किसान यूनियन (अ) के राष्ट्रीय अध्यक्ष चौ. ऋषिपाल अम्बावता ने लखनऊ विधानसभा के सफल घेराव के बाद आगे की रणनीति की जानकारी देते हुए कहा। अम्बावता ने कहा भाकियू के विधानसभा घेराव सौ से ज्यादा किसान संगठन और 5 हजार से ज्यादा किसान पूरे देश से लखनऊ पहुंचे जिसे देखकर पुलिस घबरा गई, और लखनऊ एसएसपी ने स्वयं आकर किसानों को विधानसभा से पहले ही रोककर उनकी मांगे सुनी। एसएसपी ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के समक्ष किसानों का मांग पत्र रखने का आश्वासन दिया।

अम्बावता ने कहा नरेन्द्र मोदी किसान विरोधी हैं, और उन्होने देश के किसानों के साथ धोखा किया है। उन्होने चंद उद्योगपतियों को देश की संपत्ति का मालिक बना दिया है। देश के खजाने को सत्ता के साथ मिलकर भ्रष्ट उद्योगपति लूट-लूटकर विदेश भाग रहे हैं। उन्होने कहा जब देश में बैंक सुरक्षित नहीं, तो बैंकों में रखा पैसा कैसे सुरक्षित होगा। पिछले 4 वर्ष में पीएम मोदी केवल बोलने वाले प्रधानमंत्री साबित हुए हैं, वह जनता को अच्छे दिन नहीं, अच्छे सपने दिखाना जानते हैं।

उन्होने कहा बीकेयू अनेक बार किसानों की मांगों को उनके समक्ष रख चुकी है, मगर आदरणीय मोदी जी ने एक बार भी किसानों के नेताओं से मिलने, और उनकी समस्याओं को जानने की जरूरत नहीं समझी। भाजपा की किसान विरोधी सोच के चलते उन्होने पिछले तीन वर्ष में किसानों को कुछ नहीं दिया। उन्होने कहा देश खुशहाल तभी होगा जब देश का अन्नदाता खुशहाल होगा। आज देश की सीमाओं पर जवान मर रहा है, और देश के अंदर किसान मरने पर मजबूर है।
अम्बावता ने कहा एनडीए की सरकार के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी किसानों की इन मांगों को तुरंत माने जिनमें सबसे पहले स्वामी नाथन आयोग की रिर्पाट लागू हो। किसानों को खाद, बीज, पानी का कनेक्शन न्यूनतम दामों में मिले। पूरे देश के किसान कर्ज मुक्त हों। किसान आयोग का गठन हो। किसान के बच्चों की शिक्षा, स्वाथ्य निशुल्क हो तथा कन्या का विवाह सरकार करे व पेशन 5 हजार मिले। किसानों को डीजल और कर्ज सबसीडी पर मिले।

अम्बावता ने कहा देश में केन्द्र और भाजपा शासित राज्यों में किसानों की दशा बेहद गंभीर है। किसानों को केवल झूठे वायदे, और आश्वासन दिए जा रहे हैं। हरियाणा सहित अनेक राज्यों में किसान अपनी मांगों के लिए धरने पर बैठे हैं, मगर भाजपा सरकार किसानों की एक नहीं सुन रही। उन्होने दिल्ली जा रही किसान मजदूर यात्रा का समर्थन किया और कहा जिस देश में किसान और जवान को अपने अधिकारों के लिए धरने करने पडे उस देश में हुकमरानों को ईमानदार और देशभक्त नहीं कहा जा सकता। इसका अर्थ यह है कि भाजपा देश में पूंजीवाद लाना चाहती है और देश की जनता को गुमराह कर रही है।
अम्बावता ने कहा भाकियू के समर्थन में देश के 191 किसान संगठन हैं और किसानों का एक दल जल्द पुन: पीएम मोदी से मिलने का समय मांगेगा यदि इस बार प्रधानमंत्री किसानों से नहीं मिले तो फिर आगामी 20 अप्रैल से किसान दिल्ली पर धरना देंगे और आर-पार की लडाई का ऐलान कर देंगे। उन्होने कहा इसके लिए आगामी 20 मार्च को उनके फार्म हाउस पर बैठक होगी।

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