टुकड़े गैंग की समर्थक कविता कृष्णन पर भड़के मिश्रा

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नई दिल्ली: पुलवामा हमले के बाद लाल सलाम वाले खामोश है और उनके समर्थक कुछ अलग तरह की बयानबाजी करते देखे जा रहे हैं। एक पत्थरबाज को खरोंच आने पर मानवाधिकारी की दुहाई देने वाली कविता कृष्णन जैसी तथाकथित समाजसेवी सोशल मीडिया पर घिर रही हैं। पुलवामा हमले के बाद कविता कृष्णन को शहीदों के परिजनों का दर्द शायद अब तक नहीं दिखा। हमले पर रोष जताने वालों पर वो सवाल उठा रही हैं।

दिल्ली के पूर्व मंत्री कपिल मिश्रा और कविता कृषणन से ट्विटर पर बहस चल रही है। कपिल मिश्रा ने लिखा कि माँ की कोख, आम नागरिक, दंगे सब समझ आ गया लेकिन आतंकी अड्डे, जेहादी फंडिंग, ISI समझ नहीं आया, क्या आप धमकी दे रही हैं कि अगर आतंकियों को मारा तो भारत मे दंगा होगा? कौन करेगा दंगा? पाकिस्तान ने अपनी तबाही का रास्ता खुद चुना हैं, उसकी तबाही निश्चित हैं.
इसके बाद कविता कृष्णन ने लिखा कि पाकिस्तान के आम नागरिकों के खात्मे की मांग करना, एक पूरे देश के खात्मे की मांग करना, genocide है. और कोख तो माओं का ही होता है. आप पाकिस्तान को कोख कहकर बच नहीं सकते – आप दरअसल भारत में ही दंगा करवाने की कोशिश में हैं, 1984 दोहराने की कोशिश में हैं. आपको इतिहास माफ नहीं करेगी.

फिर मिश्रा ने लिखा कि सुनो @kavita_krishnan देश तो सावधान हैं ही इसीलिए तुम जैसे पिस्सू बिलबिला रहे हैं, मेरे “आतंक की कोख उजाड़ दो” ऐसा लिखते ही तुम्हारी वो हालात हो गयी जो फिनायल डालने पर कीड़ों की हो जाती हैं.
पाकिस्तान की बर्बादी तक
POK की आज़ादी तक
जंग हमारी जारी हैं
कविता कृष्णन ने जबाब देते हुए लिखा कि . @KapilMishra_IND जैसे नेताओं से देश सावधान रहें, जो पुलवामा के घिनौने हमले और जवानों की लाशों का उपयोग चुनाव से पहले दंगा फसाद के लिए कर रहे हैं. यही भारत को ‘टुकड़े टुकड़े’ करने में लगे हैं. 1984 में टाइटलर, कमल नाथ इत्यादि थे, आज कपिल मिश्रा, साक्षी महाराज हैं. कुछ प्रतिक्रियाएं

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