हरियाणा के दो लाख युवाओं को नौकरी देंगे खट्टर

चंडीगढ़, 7 दिसंबर- हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री मनोहर लाल ने प्रदेश के दो लाख युवाओं को रोजगार के अवसर मुहैया करवाने का लक्ष्य निर्धारित किया है जिसके लिए नई योजनाएं तैयार करवाई जा रही हैं। कौशल विकास के क्षेत्र में हरियाणा को राष्टï्रीय स्तर पर भी पहचान मिली है।
यह जानकारी आज यहां मुख्यमंत्री के अतिरिक्त प्रधान सचिव डॉ. राकेश गुप्ता ने प्रदेश के सभी जिलों में क्रियान्वित की जा रही विभिन्न योजनाओं की प्रगति की समीक्षा के लिए वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से प्रदेश के सभी उपायुक्तों के साथ एक बैठक की अध्यक्षता करते हुए दी।
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार प्रदेश में युवाओं को रोजगार के अधिक से अधिक अवसर उपलब्ध करवाने के लिए प्रतिबद्घ है। सरकारी विभागों में ऐसे युवाओं को अपे्रंटिसशिप के अवसर उपलब्ध करवाए जाएंगे जो प्रदेश के औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों के माध्यम से वोकेशनल कोर्स कर रहे हैं ताकि वे सरकारी विभागों में कार्य अनुभव प्राप्त कर सकें। वर्ष 2017-18 के दौरान, इसके लिए बजट का प्रावधान भी किया गया है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि उनके विभागों में प्रशिक्षण हेतु नियमानुसार औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों के विद्यार्थियों का नामांकन किया जाए। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री श्री मनोहर लाल जल्द ही इस योजना की समीक्षा करेंगे।

बेटी बचाओ-बेटी पढाओ कार्यक्रम तथा यौन अपराधों से बच्चों की सुरक्षा (पोओसीएसओ) अधिनियम की समीक्षा करते हुए डॉ. गुप्ता ने अधिकारियों को ऐसे लोगों के विरूद्घ सख्त कार्यवाही करने के निर्देश दिए जो कि लिंग निर्धारण के गैरकानूनी कार्य में लग हुए हैं। उन्होंने अधिकारियों को उनके संबंधित जिलों में पीओएससीओ एक्ट का सख्ती से क्रियान्वयन सुनिश्चित करने के भी निर्देश दिए और उन्हें मादक पदार्थों की बिक्री पर भी पूरी निगरानी करने को कहा।

डॉ. गुप्ता ने कहा कि पहली बार, सीएम विंडो की कार्यप्रणाली की समीक्षा के लिए कम्पोजिट स्कोर इंडिकेटर तैयार किए गए हैं। इस प्रणाली से सभी जिलों से संबंधित शिकायतों की स्थिति के साथ-साथ उनके निपटान को भी सिंगल स्क्रीन पर देखा जा सकता है। उन्होंने स्वच्छ एप्प तथा स्वच्छ मैप के माध्यम से स्वच्छता अभियान की प्रगति की भी समीक्षा की और संबंधित अधिकारियों को इन एप्स का इस्तेमाल करके वांछित परिणाम देने के निर्देश दिए। बैठक के दौरान जिन अन्य योजनाओं की समीक्षा की गई उनमें सडक़ सुरक्षा, अपराध एवं आपराधिक निगरानी नेटवर्क सिस्टम, ई-उपचार, हरपथ, ओडीएफ, सामाजिक ऑडिट पायलट योजना आदि शामिल हैं। डॉ.गुप्ता ने इन योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए भी जरूरी दिशा-निर्देश दिए।

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