कर्म करें, फल की इच्छा न रखें, भगवान् श्रीकृष्ण के इस विचार से बन सकते हैं सफल, देवेन्द्र चौधरी

Janmashtami In Faridabad

फरीदाबाद। ‘विद्यासागर इंटरनेशनल स्कूल शिक्षा के प्रसार के साथ-साथ सामाजिक दिशा में उत्कृष्ट काम कर रहा है उसने शिक्षा जगत में एक नई परिपाटी की शुरूआत की है जो निश्चित रूप से आने वाले समय में महत्त्वपूर्ण साबित होगी’, उक्त विचार प्रकट करते हुए श्री देवेन्द्र चौधरी, सीनियर डिप्टी मेयर, फरीदाबाद नगर निगम ने स्कूल द्वारा राष्ट्र और समाज हित के सरोकारों पर किए जाने वाले कार्यों की प्रशंसा की। श्री चौधरी ने बतौर मुख्य अतिथि विद्यासागर इंटरनेशनल स्कूल में पौधारोपण किया और जन्माष्टमी पर्व का भी आनन्द लिया। श्री चौधरी ने पौधारोपण करते हुए पर्यावरण के प्रति छात्रों को जागरुक किया। उन्होंने कहा कि पेड़ प्रकृति की वो देन है जिसका कोई विकल्प उपलब्ध नहीं है। पेड़ हमारा सबसे घनिष्ठ मित्र हैं। हमारे द्वारा लगाया गया पेड़ सिर्फ हमें ही लाभ नहीं पहुँचाता बल्कि आने वाली कई पीढिय़ों को लाभ पहुँचाता है। हवा, पानी, खाने-पीने की सामग्री, ईंधन, वस्त्र, जानवरों का चारा अन्य कार्यों में प्रयोग करने के लिए लकड़ी सब हमें पेड़ों से ही मिलता है। पेड़ पर्यावरण से कार्बन डाईऑक्साईड लेकर बदले में ऑक्सीजन देते हैं। पेड़ों पर कई जीव-जन्तु अपना घर बनाते हैं। यदि पेड़ न हों तो हम इन सब चीजों की कल्पना तक नहीं कर सकते।

श्री चौधरी ने बच्चों को जन्माष्टमी पर्व के बारे में बताते हुए कहा कि भगवान श्रीकृष्ण विष्णुजी के आठवें अवतार माने जाते हैं। यह श्रीविष्णु का सोलह कलाओं से पूर्ण भव्यतम अवतार है। श्रीकृष्ण के व्यक्तित्व में उनके गुण थे, जिसके कारण वह महानायक बने-उन्होंने गरीब मित्र सुदामा से मित्रता निभाई, दुराचारी शिशुपाल का वध किया, पाण्डुपुत्र युधिष्ठिर के राजसूय यज्ञ में आने वाले अतिथियों के पैर धोए और जूठी पत्तलें उठाईं, महाभारत के युद्ध में अपने स्वजनों को देखकर विमुख अर्जुन को आत्मा की अमरता का संदेश दिया, जो हिन्दुओं का धार्मिक ग्रंथ ‘श्रीमद्भगवतगीता’ बना। यही ग्रंथ आज दार्शनिक परम्परा की आधारशिला है। उन्हीं श्रीकृष्ण की प्रशंसा में ‘भगवत् पुराण’ अनेक नाटक और लोकगीत लिखे गए जो आज भी मन्दिरों में गाये जाते हैं। श्रीकृष्ण का चरित्र हमें लौकिक और आध्यात्मिक शिक्षा देता है। गीता में उन्होंने स्वयं कहा है कि व्यक्ति को मात्र कर्म करना चाहिए फल की इच्छा नहीं रखनी चाहिए। आज इसी सार को अपनाकर हम अपने जीवन को सफल बना सकते हैं।
इस अवसर पर जिला परिषद् के चेयरमैन विनोद चौधरी एवं जिला पार्षद विक्रम सिंह एडवोकेट समारोह में विशिष्ट अतिथि के रूप में मौजूद रहे। सभी ने बड़े उत्साह के साथ स्कूल में आयोजित जन्माष्टमी पर्व समारोह का बच्चों के साथ आनन्द उठाया और बच्चों द्वारा प्रस्तुत की गई सुंदर प्रस्तुतियों की काफी प्रशंसा की। इस मौके पर श्री कृष्ण और राधा रानी जैसे वस्त्र धारण करके छोटे-छोटे बच्चों ने सबका मनमोह लिया। इस अवसर पर स्कूल के बच्चों ने बाल गोपाल के जीवन से संबंधित विभिन्न प्रकार की झाकिया भी निकालीं एवं विभिन्न प्रकार की प्रतियोगिताओं में हिस्सा लिया। स्कूल में नृत्य, कविता पाठ, रंगोली बनाओ एवं दही हांडी प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया जिसमें स्कूल के सभी बच्चों ने बढ़-चढक़र हिस्सा लिया। कार्यक्रम के दौरान स्कूल के चेयरमैन श्री धर्मपाल यादव ने बच्चों को पर्व के ऐतिहासिक महत्त्व के बारे में बताया। स्कूल के डॉयरेक्टर दीपक यादव ने भगवान कृष्ण के चरित्र पर प्रकाश डाला। उन्होंने बच्चों को कहा कि वे सास्कृतिक कार्यक्रमों में भी बढ़चढ़ कर भाग लें क्योंकि इससे उनकी प्रतिभा का निखार होगा। इस पर्व का हमारे जीवन में बहुत महत्व है और यह पर्व हमें आपसी भाईचारे से रहने की प्रेरणा देता है। उन्होंने कहा कि हमें समाजहित में कार्य करना चाहिए और प्रेम से रहना चाहिए। इस मौके पर स्कूल के अकादमी डॉयरेक्टर सीएल गोयल, शम्मी यादव, योगेश चौहान, मुकेश सरपंच, भूपेंदर डायरेक्टर, देवेंद्र भाटी, संदीप टोंगर एवं अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।

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