बड़ी खबर, अंग्रेजों में माँगा जलियांवाला बाग हत्याकांड के लिए भारतीयों से माफी

चण्डीगढ, 5 दिसंबर- हरियाणा के शिक्षा मंत्री प्रो० राम बिलास शर्मा ने कहा कि उनकी आवाज को ब्रिटिश संसद में गंभीरता से सुनकर अमल किया गया है, जिसके अंतर्गत उन्होंने भारत में अंग्रेजी शासन के दौरान हुए जलियांवाला बाग हत्याकांड को निंदनीय करार दिया था। प्रो. शर्मा ने कहा कि इस निर्मम हत्याकांड के लिए ब्रिटिश संसद के 29 सांसदों ने सदन में क्षमायाचना की है, जिसमें ब्रिटिश सांसदों ने भी माना है कि अंगे्रेजों के शासनकाल में भारत में हुई यह घटना शर्मनाक थी। इस दौरान शिक्षा मंत्री ने पुलिस हॉकी प्रतियोगिता में हिस्सा लेने वाले खिलाडिय़ों को शुभकामनाएं भी दी।

शिक्षा मंत्री ने आज बतौर मुख्य अतिथि मोतीलाल नेहरू स्कूल ऑफ स्पोर्टस राई (एमएनएसएस) में आयोजित 66वीं अखिल भारतीय पुलिस पुरुष हॉकी प्रतियोगिता का शुभारंभ किया। उन्होंने खिलाडिय़ों को संबोधित करते हुए इतिहास में दर्ज जलियांवाला बाग हत्याकांड पर चर्चा करते हुए उक्त जानकारी दी। अब ब्रिटेन में इस दिवस को मैमोरियल दिवस के रूप में मनाने की ओर कदम बढ़ाया गया है। भारत के विषय में धारणा थी कि यह गडरियों का देश है। किंतु भारत वह देश है जिसने दुनिया को शिक्षा व संस्कार दिये हैं। इसके अलावा, उन्होंने कहा कि एमएनएसएस राई को विश्वविद्यालय का दर्जा देने की ओर कदम बढ़ाये गये हैं। उन्होंने हॉकी प्रतियोगिता के आयोजन पर हॉकी के जादूगर मेजर ध्यानचंद को भी स्मरण किया। उन्होंने कहा कि सच्चे मन से एवं ईमानदारी से खेलने वाला खिलाड़ी अमर हो जाता है।

शिक्षा मंत्री आधुनिक दौर के जीवनयापन पर भी कटाक्ष किया। उन्होंने कहा कि अब लोगों को सुबह-शाम व दोपहर तथा रात्रि के समय अलग-अलग मोबाईल की जरूरत पड़ती है। इससे लोगों को परेशानियां उठानी पड़ती है और वे ब्लड प्रेशर के शिकार हो जाते हैं। दोहरी जिंदगी जीने वाला व्यक्ति ब्लड प्रेशर का रोगी बनता है। उन्होंने खिलाडिय़ों एवं युवाओं को प्रोत्साहित किया कि वे मोबाईल की बजाय खेलों में अपना समय व्यस्त रखें। खिलाडिय़ों को खेल भावना से खेलने के लिए प्रोत्साहित करते हुए कहा कि हार-जीत खेल का हिस्सा है। जो खिलाड़ी हारता नहीं है वह जीत नहीं सकता। हारने की पीड़ा का अनुभव करने वाले खिलाड़ी में जीतने की इच्छा बलवती होती है।
प्रो. रामबिलास शर्मा ने कहा कि हरियाणा की धरती संघर्ष व गीता की धरती है। भौगोलिक रूप में भले ही हमारा प्रदेश छोटा हो किंतु यह व धरती है जहां पानीपत की लड़ाइयां लड़ी गई और जहां महाभारत का युद्ध हुआ। हरियाणा धरती पाप व पुण्य का फैसला करने वाली धरती है। इस धरती पर पुलिस हॉकी प्रतियोगिता में हिस्सा लेने आये विभिन्न राज्यों के खिलाडिय़ों का यहां स्वागत है।

इस दौरान शिक्षा मंत्री प्रो. शर्मा ने भाजपा के मंडलाध्यक्ष रिजकराम आंतिल के निधन पर भी शोक व्यक्त करते हुए कहा कि भाजपा के कार्यकर्ताओं के लिए बूथ उनकी चौकी होते हैं। रिजकराम आंतिल गुजरात चुनाव में गये हुए थे जहां बूथ पर उनकी मृत्यु हुई। इसलिए वे भाजपा के शहीद हैं, जिनकी मृत्यु पर हर संभव मदद उनके परिजनों को दी जाएगी।
इससे पूर्व डीजीपी बी.एस. संधू ने मुख्य अतिथि का स्वागत करते हुए कहा कि हरियाणा में राष्ट्रीय स्तर की विभिन्न पुलिस प्रतियोगिताएं कराई गई हैं। किंतु पुलिस हॉकी प्रतियोगिता पहली बार कराई जा रही है, जिमसें 24 टीमें हिस्सा ले रही हैं, जिनमें 526 खिलाड़ी शामिल हैं। उन्होंने कहा कि पुलिस प्रशासन का प्रयास है कि युवाओं को खेलों से जोड़ा जाये ताकि उन्हें अपराधों व नशे की लत से दूर रखा जा सके। पुलिस में खिलाडिय़ों को भर्ती करने का प्रावधान है। पुलिस में भारतीय हॉकी टीम के चार कप्तान हैं, जिनमें दो महिलाएं व दो पुरुष टीम के कप्तान शामिल हैं।
राष्ट्रीय पुलिस हॉकी प्रतियोगिता के पहले दिन चार मैच हुए। इन मुकाबलों में सभी मुकाबले एकतरफा रहे। विजेता टीमों ने बड़े अंतर से मैच जीते हैं। बीएसएफ की टीम ने अपने पहले मुकाबले में छत्तीसगढ़ की टीम को 11-0 के बड़े अंतर से पराजित किया। इसी प्रकार पंजाब ने मणिपुर की टीम को 8-0 से रौंद डाला। इसके अलावा सीआरपीएफ की टीम ने आंध्रप्रदेश को पहले मैच में 11-1 से शिकस्त दी। पहले दिन के अंतिम मैच में आईटीबीपी ने राजस्थान को 8-1 से करारी मात दी।

loading...

Leave a Reply

*