चार बड़े आधुनिक ठगों को फरीदाबाद साइबर सेल इंस्पेक्टर विनोद चौहान की टीम ने दबोचा

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फरीदाबाद: फरीदाबाद: देश में अब चोरी डकैती भी आधुनिक हो गई है। अब ये आधुनिक डकैत बिना सेंधमारी के बड़े बड़े काण्ड कर रहे हैं। यूपीआई  ऐप के जरिए  धोखाधड़ी  करने वाले  चार आरोपियों को साइबर अपराध शाखा की इंस्पेक्टर विनोद चौहान की टीम ने गिरफ्तार कर लिया है। ये लोग मोबाइल सिम को 4जी में अपडेट करने के नाम पर लोगों को अपना शिकार बनाते थे। बअपने आपको बताते थे मोबाइल कंपनी के कर्मचारी बताकर ये लोगो को ठगते थे।
यूपीआई ऐप के जरिए धोखाधड़ी करने वालों को पहली बार इंस्पेक्टर विनोद और उसकी टीम ने कड़ी मेहनत और अपने सूत्रों  से मिली  खबर के आधार पर मुंबई और झारखंड से 4 आरोपियों को गिरफ्तार करने में मिली बड़ी सफलता।
 लोकेंद्र सिंह पुलिस उपायुक्त सेंट्रल ने  आज  10 अगस्त 2018 को प्रेस वार्ता के दौरान आरोपियों की गिरफ्तारी के बारे में खुलासा करते हुए बताया कि साइबर अपराध शाखा को सूरजकुंड थाने में दर्ज साइबर ठगी के मुकदमे की तफ्तीश करने के निर्देश दिए गए थे, जिस पर इंस्पेक्टर विनोद ने अपनी टीम के ASI बाबूराम, ASI जावेद, ASI प्रमोद,  HC वसीम, वीरपाल और नरेंद्र के अलावा क्राइम ब्रांच 65 के स्टाफ को साथ लेकर झारखंड में जाकर छापेमारी कर तीन आरोपियों को किया गिरफ्तार।
उन्होंने बताया  की आरोपी अंशु कुमार पुत्र अनिल कुमार को मुंबई से किया था गिरफ्तार उस से की गई पूछताछ के आधार पर झारखंड से पकड़े गए तीनों आरोपी।
गिरफ्तार किए गए आरोपियों का विवरण:-
1. अंशु कुमार दास पुत्र अनिल कुमार निवासी भरचंडी जामताड़ा झारखंड।
2. इरफान पुत्र ताहिर अंसारी निवासी भरचंडी जामताड़ा झारखंड।
3. मुजाहिद पुत्र जाहिद अंसारीनिवासी भरचंडी जामताड़ा झारखंड।
4. याकूब अंसारी पुत्र मुमताज मियां निवासी घोषवाद जामताड़ा झारखंड।
प्रभारी साइबर अपराध शाखा इंस्पेक्टर विनोद कुमार चौहान ने बताया की विशेष सूत्रों से मिली सूचना पर आरोपी अंशु कुमार दास को दिनांक 2 अगस्त 2018 को मुंबई से व अन्य तीन आरोपियों को दिनांक 6 अगस्त 2018 को जामताड़ा झारखंड से गिरफ्तार किया है।
आपको बताते चलें कि दिनांक 24 जुलाई 2018 को पूनम रानी निवासी दयालबाग, सूरजकुंड ने पुलिस को बताया था कि उसके पास बैंक मैनेजर यूनियन बैंक चेंबूर मुंबई से कॉल आई कि उसके बैंक ऑफ महाराष्ट्र से यूपीआई के जरिए ट्रांजैक्शन हुई है।
पिडित/ शिकायतकर्ता ने अपने बैंक में जाकर पता किया तो उसे मालूम हुआ कि उसके बैंक अकाउंट से कुल ₹850000 किसी नाम पता ना मालूम व्यक्ति ने यूपीआई ट्रांजैक्शन के जरिए निकाल लिए हैं।धोखाधड़ी की शिकायत पर थाना सूरजकुंड में दिनांक 28 जुलाई 18 FIR नंबर 510 धारा 419, 420,34 IPC, व 66c, 66D आईटी एक्ट के तहत दर्ज किया गया था।
श्रीमान पुलिस आयुक्त श्री अमिताभ सिंह ढिल्लो ने इस केस की तफ्तीश आरोपियों की जल्द धरपकड़ के निर्देश देते हुए साइबर सेल इंस्पेक्टर विनोद कुमार चौहान को सौंपी,,, जिसने डीसीपी क्राइम श्री लोकेंद्र सिंह के निर्देश पर अपने नेतृत्व में एक टीम गठित कर आरोपियों की तलाश शुरू की गई थी।
इंस्पेक्टर विनोद कुमार चौहान ने बताया कि टीम ASI बाबूराम,  ASI जावेद, ASI प्रमोद के द्वारा गहराई से जांच करने के लिए, शिकायतकर्ता महिलाओं को जांच में शामिल किया गया तो,,,तफ्तीश के दौरान सामने आया कि शिकायतकर्ता के मोबाइल सिम को डीएक्टिवेट कर आकर किसी ने दूसरी SIM एक्टिवेट करा ली है और उसकी कॉल शिकायतकर्ता की दूसरी सिम पर फॉरवर्ड कर दी है जिसके कारण शिकायतकर्ता को पता ही नहीं चल सका कि उसकी SIM किसी और ने एक्टिवेट करा ली थी ताकि शिकायतकर्ता को शक ना हो।
शिकायतकर्ता से संबंधित केस में जांच में शामिल कर पूछताछ पर पता लगा कि कुछ समय पहले शिकायतकर्ता के मोबाइल पर Idea कंपनी की तरफ से उस की सिम को 3जी से 4जी में अपडेट करने के लिए उसके मोबाइल पर एक नंबर से कॉल आई थी,,,, और उसने शिकायतकर्ता से 123 पर SMS करने के लिए कहा था।
पुलिस प्रवक्ता सूबे सिंह ने बताया कि आरोपी अपने आप को टेलीकॉम कंपनी का एग्जीक्यूटिव बता लोगों को उनकी सिम 3जी से 4जी में अपग्रेड करने के नाम पर कॉल करते थे और उनको 123 या 121 पर अपने द्वारा भेजे गए SMS को फॉरवर्ड करने को कहते थे। उपभोक्ता/ पीड़ित व्यक्ति उनके कहने पर मोबाइल कंपनी द्वारा भेजे गए SMS को आरोपियों के नंबर पर फॉरवर्ड sms कर देते थे।
आरोपी उपभोक्ता द्वारा उपलब्ध कराए गए SMS के आधार पर उनकी SIM को डीएक्टिवेट करवा कर,  अपनी ब्लेंक सिम पर वह मोबाइल नंबर एक्टिवेट कर लेते थे।आरोपी मोबाइल पर  प्राप्त ओटीपी के आधार पर यूपीआई ऐप के जरिए धोखाधड़ी से लोगों के पैसे अपने फर्जी अकाउंट व आरोपियों द्वारा अन्य गरीब लोगों के खुलवाएं हुए अकाउंट मे ट्रांसफर करा लेते थे। अन्य गरीब लोगों के अकाउंट डिटेल और उनके ATM भी आरोपी अपने पास रखते थे।
पुलिस प्रवक्ता ने  बताया कि आरोपियों का पुलिस रिमांड लिया गया है। पुलिस रिमांड के दौरान आरोपियों के विभिन्न खातों में आई हुई धोखाधड़ी की रकम बरामद की जाएगी। अभी तक आरोपियों से Axis Bank की पीओएस मशीन,पासबुक व विभिन्न बैंकों की ATM कार्ड बरामद किए गए।

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