सीने पर AK 47 की कई गोलिया लगने के बाद पिता ने कइयों की जान बचाई तो बेटा बोला पापा पर गर्व है

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I'm proud of my father, Ankush Chaudhary, son of Subedar Madan Lal Choudhary

नई दिल्ली: सीने में ए के 47 की गोलियां लगने के बाद बहुत कम लोग उस समय ठीक से खड़े हो पाते हैं और ऐसे समय जो खड़ा भी रहे और दौड़कर दुश्मनों से लड़ने भी लगे उसे जांबाज कहते हैं। जम्मू में सुंजवां सैन्य स्टेशन में उनके क्वार्टर पर हमले के बाद सूबेदार मदन लाल चौधरी ने जिस तरह बहादुरी दिखाई और गोली लगने के बाद निहत्थे आतंकवादियों से भिड़ गए और कई लोगों की जान बचाई उससे उनकी शहादत को पूरा देश सलाम कर रहा है । कठुआ जिले के हीरानगर क्षेत्र के लोगों को अपनी माटी के इस वीर सपूत पर गर्व है जो निहत्थे ही सशस्त्र आतंकवादियों से भिड़ गए और उन्होंने अपने परिवार एवं रिश्तेदारों की जान बचाई।

आज शहीद मदन लाल का शव उनके गांव पहुंचा तो जहां उनके परिवार के लोग विलखने लगे और वहाँ मौजूद हजारों लोग अपनी आँखें बरसने से नहीं रोक पाए वहीं शहीद मदन लाल का बीटा अंकुश चौधरी का कहना है कि मुझे अपने पिता पर गर्व है। अंकुश का कहना है कि पिता जी के सीने पर कई गोलियां लगीं थीं फिर भी उन्होंने लोगों की जान बचाई और उनकी बहादुरी के कारण ही मेरे घर के अन्य लोग आज सुरक्षित हैं। मुझे उन पर गर्व है। अंकुश को भी सोशल मीडिया सेल्यूट कर रही है और उन्हें जांबाज पिता का बहादुर बेटा बताया जा रहा है। कुछ कमेंट्स

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