12 फरवरी को काम काज नहीं करेंगे हरियाणा के एक लाख वकील

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अनूप कुमार सैनी: रोहतक, 10 फरवरी। बार काऊंसिल ऑफ इंडिया के आह्वान पर अपनी मांगों के समर्थन में पंजाब एंड हरियाणा बार काऊंसिल से पंजीकृत पंजाब, हरियाणा व चंडीगढ़ के 1 लाख वकील 12 फरवरी को काम नहीं करेंगे।
आज यहां यह जानकारी देते हुए बार काऊंसिल ऑफ पंजाब एंड हरियाणा के चेयरमैन डॉ. विजेन्द्र सिंह अहलावत ने बताया कि इस दिन प्रत्येक राज्य के मुख्यालय में स्थित हाईकोर्ट से वकील विरोध-प्रदर्शन कर राज्यपाल के नाम ज्ञापन देंगे। उन्होंने बताया कि 12 फरवरी को एनसीआर, पंजाब एंड हरियाणा की बार एसोसिएशन्स, दिल्ली हाईकोर्ट बार एसोसिएशंस, सुप्रीम कोर्ट ऑन रिकार्ड एसोसिएशन सहित हजारों वकील दिल्ली में पटियाला हाऊस से जन्तर-मन्तर तक विरोध प्रदर्शन कर राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन देंगे।

चेयरमैन ने बताया कि 11 फरवरी को देश की सभी बार एसोसिएशन मीटिंग करके प्रधानमंत्री के नाम प्रस्ताव पारित कर जुलूस की शक्ल में जाकर उपायुक्त को ज्ञापन देंगी। उन्होंने बताया कि 2 फरवरी को दिल्ली में हुई बार काउंसिल ऑफ इंडिया की मीटिंग में उक्त निर्णय लिए गए।
अहलावत ने बताया कि बार काऊंसिल ऑफ इंडिया के चेयरमैन मनन कुमार मिश्रा ने 2 फरवरी को प्रधानमंत्री के नाम पत्र लिखकर उनके द्वारा 1 मार्च, 2014 को गांधीनगर, गुजरात में बार काऊंसिल ऑफ इंडिया से किए गए वायदों को पूरा करने की मांग की थी लेकिन प्रधानमंत्री कार्यालय द्वारा कोई कार्यवाही न होने पर मीटिंग में रोष जताया गया तथा विरोध प्रदर्शन करने का निर्णय लिया गया।
उन्होंने बताया कि बार काऊंसिल की मुख्य मांगों में नए जरूरतमंद वकीलों को पांच साल तक 10,000 रुपए प्रति माह स्टाइफंड दिया जाए, केन्द्र सरकार वकीलों व याचिका कर्त्ताओं के लिए बजट में 5000 करोड़ रुपए का प्रावधान करे, वकीलों को फ्री मेडिक्लेम, वकील की मृत्यु पर 50 लाख रुपए आश्रित को दिए जाएं, वृद्ध वकीलों की पैंशन हो, वकीलों के लिए चैम्बर, बैठने की सुविधा, लाईब्रेरी व इंटरनेट जैसी जरूरी सुविधाएं हों, हाऊसिंग स्कीम हो, विभिन्न ट्रिब्यूनल, फोरम, कमीशन आदि में पूर्व जजों के अतिरिक्त योग्य वकीलों को भी सदस्य बनाने का प्रावधान किया जाए आदि शामिल हैं।
अहलावत ने बताया कि बार काऊंसिल मीटिंग में, बार काऊंसिल ऑफ इंडिया के चेयरमैन को प्रधानमंत्री, मंत्रियों सहित सभी राजनैतिक पार्टियों के नेताओं से अपनी मांगों के समर्थन में मिलने के लिए अधिकृत किया है। उन्होंने बताया कि वकील उन पार्टियों का समर्थन करेंगे, जो उनकी मांगों को मानेगी या 2019 के लोकसभा चुनाव के घोषणा पत्र में शामिल करेगी।

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