दोबारा सत्ता में आते ही जनता के साथ विश्वासघात

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    Ashok buwaniwala 3 june 2019

    भिवानी, 2 जून। प्रधानमंत्री मोदी ने दोबारा सत्ता में आते ही जनता के साथ विश्वासघात करना शुरू कर दिया है। प्रैस को जारी विज्ञप्ति में हरियाणा प्रदेश कांग्रेस के प्रदेश प्रवक्ता अशोक बुवानीवाला ने कहा कि मात्र दो दिन पहले मंत्रीमंडल की शपथ लेने वाली मोदी सरकार ने आम आदमी को महंगाई के झटके देने शुरू कर दिए है। उन्होंने कहा कि सरकारी तेल मार्केटिंग कम्पनियों द्वारा बिना सब्सिडी वाली रसोई गैस के सैलेंडर के दामों में 25 रूपए व सब्सिडी वाले रसोई गैस सैलेंडर के दाम में भी 1.23 रूपए की बढ़ौत्तरी करना ये दर्शाता है कि अपने चुनाव प्रचार का सारा खर्च मोदी जी अब देश की जनता से वसूल करेंगे। बुवानीवाला ने कहा कि पिछले चार महिनों में लगातार रसोई गैस के दाम का बढ़ाकर मोदी सरकार ने संदेश दे दिया है कि आर्थिक नीतियों पर फेल उनकी सरकार का महंगाई पर कोई नियंत्रण नहीं है और ये दाम भविष्य में अभी ओर भी बढऩे वाले हैं।

    उन्होंने कहा कि मोदी जी की सरकार में सब्सिडी वाले गैस की कीमत पिछले 5 साल के दौरान 85.37 रूपए की बढ़ चुकी है। जिसका सबसे अधिक बोझ उज्जवला योजना की लाभार्थी गरीब महिलाओं को ढ़ोना पड़ रहा है और शायद यही कारण है कि इस योजना के तहत रसोई गैस सिलेंडर प्राप्त करने वाले 80 प्रतिशत परिवार गैस सिलेंडर की दोबारा रिफील करवाने के बजाएं उनपर बोरी बांधकर बैठने में इस्तेमाल कर रहे हैं। कांग्रेस नेता ने कहा कि इसी प्रकार बिना सब्सिडी वाला गैस सिलेंडर में पिछले पांच साल के दौरान 323.5 रूपए की बढ़ौत्तरी की गई है। यानी सब्सिडी छोडऩे वाले एक परिवार पर सालाना 3 हजार 882 रूपऐ का बोझ मोदी जी बढ़ा चुके हैं। उन्होंने कहा कि स्वेच्छा से सब्सिडी छोडऩे वाले 1.25 करोड़ उपभोक्ताओं के साथ भी मोदी जी पूर्णत्य अन्याय कर रहे हैं।

    बुवानीवाला ने कहा कि जब तक मोदी जी अर्थ-व्यवस्था में बुनियादी सुधार नहीं करेंगे, देश को महंगाई की आग से निजात नहीं मिल सकती। उन्होंने कहा कि मोदी जी पर विश्वास करने वाली गृहणियों के साथ-साथ अब किसानों, मजदूरों और छोटे व्यापारियों को भी ठगने का काम कर रही है। उन्होंने कहा कि अब किसानों, मजदूरों और छोटे व्यापारियों 3000 रु. पेंशन देने की बात कही जा रही है। जिसके चलते लगभग 17-18 करोड़ लोगों के इस गोरखधंधे में सरकार उलझेगी तो वह प्रशासन चलाने का काम कैसे करेगी? देश के सरकारी कर्मचारी यदि अर्थ-व्यवस्था को मुस्तैद व भ्रष्टाचार मुक्त बनाने में जुटेंगे तो भारत के स्वाभिमानी नागरिक इस रिश्वत को स्वीकार ही नहीं करेंगे। रोजगार देने में विफल राहत की यह राजनीति भारत को आलसियों का देश बना देगी।

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