‘कैरोसीन मुक्त, एलपीजी युक्त’ बनने वाला देश का पहला राज्य बना हरियाणा

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चंडीगढ़, 9 अगस्त- हरियाणा के खाद्य एवं आपूर्ति मंत्री श्री कर्णदेव कांबोज ने कहा कि राज्य में सार्वजनिक वितरण प्रणाली (पीडीएस) के उपभोक्ताओं व डिपो धारकों के लिए कैश-लेस सुविधा शुरू करने के दृष्टिïगत इसे पायलट प्रोजैक्ट के तौर पर जिला पंचकुला में शीघ्र ही शुरू की जाएगी, जिसे बाद में पूरे राज्य में लागू किया जाएगा। इसके लिए सभी डिपो धारकों के पीएनबी में करेंट बैंक खाते खोले जा रहे हैं।
श्री कांबोज ने यह जानकारी आज यहां पत्रकारवार्ता में दी है। उन्होंने कहा कि हरियाणा सरकार द्वारा 1 नवंबर 2018 से सार्वजनिक वितरण प्रणाली के तहत अंबाला व करनाल जिलों में फोर्टिफाईड आटा देने की योजना शुरू की जाएगी, जिसको बाद में पूरे राज्य में लागू किया जाएगा। यह आटा पौष्टिïक एवं स्वास्थ्यवर्धक होता है। इसके पहले चरण में पीडीएस प्रणाली के तहत अंबाला जिले के बराड़ा तथा नारायणगढ़ दो खंडों में फोर्टिफाईड आटे का वितरण किया जा रहा है।
खाद्य एवं आपूर्ति मंत्री ने कहा कि हमारी सरकार ने प्रदेश में वो कर दिखाया है, जिसकी परिकल्पना प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने की थी। प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के तहत हरियाणा, ‘कैरोसीन मुक्त, एलपीजी युक्त’ बनने वाला देश का पहला राज्य बन गया है, जिसके चलते प्रदेश के लोगों को अभी तक कुल 5.12 लाख गैस कैनेक्शन दिये गए हैं। इस पर कुल 81.89 करोड़ रुपये खर्च हुए है। गैस कनैकशन पर 1600 रुपये प्रति परिवार सब्सिडी दी जाती है। राज्य सरकार द्वारा यह स्कीम को 31.03.2019 तक बढ़ा दिया गया। हमने 6 लाख लोगों को आधार से जोडक़र फर्जी तौर पर कैरोसीन लेने वालों को बाहर किया तथा जिन घरों में एलपीजी कैनेक्शन नही थे, उन्हें नि:शुल्क गैस कैनेक्शन दिये हैं।
श्री कांबोज ने कहा कि हरियाणा में इस समय 9353 राशन डिपो चल रहे है, इन सभी पर पीओएस उपकरण लगाए गए हैं। जून 2013 में हरियाणा में कुल 12.84 लाख बीपीएल राशन कार्ड धारक तथा 54.41 लाख लाभार्थी थे। राज्य में राष्टï्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम लागू होने से लाभार्थियों की संख्या 1.37 करोड़ हो गई। परन्तु सरकार द्वारा चलये गये अभियान से करीब 25 लाख फर्जी लोगों को बाहर किया गया,जिससे राज्य को करीब 400 करोड़ रुपये की सालाना बचत हुई।
श्री कांबोज ने कहा कि हमारी सरकार ने विभाग का पूर्ण ऑटोमेशन करने का अभूतपूर्व कार्य किया, जिसके अन्तर्गत लाभार्थियों तथा राशन डिपो मालिकों को गोदाम से राशन के ट्रक का चालान बनने तथा पहुंचने का एसएमएस अर्लट भेजा जाता है। हमारी सरकार ने पीडीएस प्रणाली को आदि से अंत तक कंप्यूटरीकृत करते हुए लाभार्थियों को बॉयो-मीट्रिक हाजरी से राशन दिया जाता है। इतना ही नहीं जिन लाभार्थियों को किसी एक दुकान पर राशन लेने में असुविधा हो रही थी, उन्हें अपना राशन डिपो पोर्ट करवाने का विकल्प भी दिया गया है। इससे जून, 2018 तक करीब 18 प्रतिशत लाभार्थियों ने डिपो पोर्ट का लाभ लिया है। इसके अलावा यदि कोई व्यक्ति दुकान पर आने में असमर्थ है तो उसे प्रमाणित प्रतिनिधि भेजने का भी अधिकार दिया गया है।
खाद्य एवं आपूर्ति मंत्री ने कहा कि सरकार द्वारा बी.पी.एल. तथा ए.ए.वाई के करीब 11.33 लाख परिवारों को 13.50 रूपये प्रति किलो की दर से हर महीने 1 किलोग्राम चीनी तथा 20 रुपये प्रति लिटर की दर से 2 लिटर सरसों का तेल प्रति परिवार उपलब्ध करवाया जा रहा है। इसके लिये सरकार को हर महीने करीब 160 करोड़ रुपये अतिरिक्त वहन करने पड़ते हैं। इसके अलावा, प्रत्येक डिपो धारक की मासिक आय को भी बढ़ाकर न्यनूतम 8702 रुपये किया गया है।

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