2013 से 2017 तक 94 डिफाल्टर राईस मिलों के विरुद्ध एफआईआर

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चंडीगढ़, 9 अगस्त- हरियाणा खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले मंत्री श्री कर्णदेव कांबोज ने कहा कि वर्ष 2013 से 2017 तक 94 डिफाल्टर राईस मिलों के विरूद्व एफआईआर दर्ज करवाई गई है, जिनके खिलाफ पुलिस कार्रवाई कर रही है।
श्री कांबोज ने आज यहां पत्रकारवार्ता में बोलते हुए कहा कि कस्टम मिल्ड राईस (सीएमआर) की डिलीवरी पूर्ण रूप से न होने की एवज मे राईस मिलर्स पर कार्रवाई के साथ-साथ संबन्धित निरीक्षक, उपनिरीक्षक, सहायक खाद्य व पूर्ति अधिकारी को नियम 7 के तहत आरोपित करने की कार्रवाई की जा रही है। उन्होंने कहा कि राईस मिलर्स द्वारा भारतीय खाद्य निगम को वर्ष 2013-14 में खरीफ फसल का 47352 टन चावल की डिलीवरी बकाया थी, जो लगातार घट कर वर्ष 2014-15 में 21483 टन, वर्ष 2015-16 में 23487 टन व वर्ष 2016-17 में 1736 टन रह गयी है।
खाद्य एवं आपूर्ति मंत्री ने कहा कि हमारी सरकार ने चावल मिलर्स से रिकवरी के लिए विशेष अभियान चलाया है, जिसके फलस्वरूप हरियाणा सरकार द्वारा गत 2 वर्षों के दौरान करीब 99 प्रतिशत सीएमआर की वसूली हो चुकी है। उन्होंने कहा कि सरकार ने राज्य के दो राइस मिलर्स से वर्ष 2013-14 तथा वर्ष 2015-16 की बकाया सीएमआर के तौर पर करीब 11 करोड़ रुपये की राशि वसूली है। इसके अलावा उपायुक्त कुरुक्षेत्र द्वारा जिले के 3 अन्य राइस मिलर्स की प्रोपर्टी संलग्न करने के आदेश दिए गये है। इसकी कीमत करीब 25 करोड़ रुपये है।
श्री कांबोज ने कहा कि राज्य सरकार ने किसानों के हितों को सुरक्षित रखने के लिए न्युनतम समर्थन मूल्य पर बेचे गये धान /गेहूं / बाजरे की समस्त अदायगी किसानों की इच्छानुसार उनके खातों में भेजने की व्यवस्था की है। उन्होंने कहा कि हमने अपने कार्यकाल के दौरान न केवल फसलों की खरीद की मात्रा में बढ़ोतरी की है बल्कि उनके दामों को भी बढ़ाया है। इसके तहत वर्ष 2013-14 में 1350 रुपये प्रति किवंटल की दर से 58.56 लाख एमटी गेहूं खरीदा गया था, जोकि वर्ष 2018-19 में बढकर 1735 रुपये की दर से 87.33 लाख एमटी हो गया। इसी प्रकार वर्ष 2013-14 में 35.87 लाख एमटी धान की खरीद 1310 रुपये तथा 23.7 लाख एमटी ए ग्रेड धान को 1345 रुपये में खरीदा गया, जिसको बढ़ाकर वर्ष 2017-18 में क्रमश: 59.57 लाख एमटी धान को 1550 रुपये व 1590 रुपये में खरीदा गया। इसके अलावा हमारी सरकार ने वर्ष 2017-18 में 1435 रुपये की दर से 0.31 लाख एमटी बाजरा खरीदा गया, जिसको गत सरकार द्वारा खरीदारी नही की गई थी।

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