आचार संहिता लगते ही प्रशासन ने कसा शिकंजा

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बाबैन,13 मार्च राकेश शर्मा: प्रदेश में आचार संहिता लागू होते ही प्रशासन ने भी शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। प्रशासन ने अवैध स्थानों पर लगे पोस्टरों, होर्डिगों एवं बैनरों को हटवाना शुरू कर दिया है। बुधवार को निर्वाचन आयोग के दिशानिर्देशानुसार खंड विकास एवं पंचायत अधिकारी राजन सिंगला के नेतृत्व में गठित टीम ने बाबैन क्षेत्र में खम्बों, दीवारों एवं सार्वजनिक स्थानों पर लगे विभिन्न राजनीतिक दलों के पोस्टरों, होर्डिगों एवं बैनरों को उतारने का काम जारी है। प्रशासन की ओर से होर्डिंग,पोस्टरों, व बैनरों को उखाड़कर ले जाने के लिए वाहन का प्रबंध भी किया गया है। चुनाव आयोग के आदेशों की मानें तो लोकसभा चुनावों से पहले गांव, शहर, गली, मोहल्लों से इस प्रकार की प्रचार सामग्री को हटाया जाना जरूरी है ताकि कोई भी राजनीतिक दल इनके माध्यम से मतदाताओं को प्रभावित न कर सके।

बताया जाता है कि ग्रामीण क्षेत्रों में लगे पोस्टरों, होर्डिगों एवं बैनरों को उतरवाने की जिम्मेदारी सरपंच एवं ग्राम सचिव की होगी जो भी पार्टी आयोग के आदेशों की अवेहलना करेगी उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। समाज शिक्षा एंव पंचायत अधिकारी सुखदेव मोर ने बताया कि गावों में जिन दिवारों पर राजीनतिक पार्टियों के स्लोगन एवं लुभावने नारे लिखे हुए हैं उनकों तुरंत प्रभाव से कालिख या कली आदि के माध्यम से पुतवाकर साफ करवाने का काम शुरू हो गया है। ऐसे में चुनाव लडऩे वाले राजनेताओं द्वारा पोस्टरों, होर्डिगों एवं बैनरों द्वारा प्रचार के लिए खर्चे किए गए लाखों रुपए बेकार होते दिख रहे हैं। कुछ लोगों ने तो होर्डिगों को उतार कर अपने घरों में रखना शुरू कर दिया है।

क्या कहते हैं अधिकारी?
खंड विकास एवं पंचायत अधिकारी राजन सिंगला का कहना है कि चुनाव आयोग के आदेशानुसार बाबैन क्षेत्र में लगे पोस्टरों, होर्डिगों एवं बैनरों को उतारने का काम शुरू कर दिया है। राजनीतिक नेताओं द्वारा इस प्रकार की प्रचार सामग्री केवल प्रशासन द्वारा निर्धारित स्थानों पर ही लगाने की अनुमति दी जाएगी। जो भी पार्टी का उम्मीदवार निवार्चन आयोग के आदेशों की उल्लंघना करेगा उसके खिलाफ कड़ी कारवाई की जाएगी।

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