सरकारी स्कूलों में भगवान् भरोसे शिक्षा, मोटी पगार लेकर स्कूल नहीं पहुँचते तमाम टीचर

0
370

नई दिल्ली/ कुरुक्षेत्र: राकेश शर्मा: सरकारी स्कूल के अध्यापक की पगार एक पुलिस इंस्पेक्टर से शायद ही कम होती हो और पुलिस इंस्पेक्टर हर रोज 20 घंटे तक काम करते हैं जबकि सरकारी स्कूल के अध्यापक आठ घंटे से भी कम काम करते हैं और कई अध्यापक तो स्कूल गए बिना पगार डकार रहे हैं। हरियाणा के कुरुक्षेत्र में जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी सतनाम सिंह ने बुधवार को खंड शाहबाद के झरौली खुर्द स्कूल का औचक निरीक्षण किया। औचक निरीक्षण के दौरान स्कूल के तीन शिक्षक गैरहाजिर मिले। जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी ने गैरहाजिर पाए गए तीनों शिक्षकों को कारण बताओ नोटिस जारी कर दिया है।

जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी सतनाम सिंह ने औचक निरीक्षण के दौरान प्राथमिक पाठशाला झरौली खुर्द के तीन शिक्षकों को विद्यालय से गैरहाजिर होने का कारण पूछा तो बताया गया कि वे छुट्टी पर गए हैं। जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी ने जब हाजिरी रजिस्टर चैक किया तो तीनों शिक्षकों के नाम के आगे प्रश्नचिन्ह लगाकर उन्हें कारण बताओ नोटिस जारी कर दिया। इस दौरान सतनाम सिंह ने तीसरी कक्षा के बच्चों से कुछ सवाल भी किए, लेकिन बच्चों के अटपटे जवाब सुनकर वे हैरान रह गए। इसके लिए उन्होंने नाराजगी भी जताई। उन्होंने शिक्षकों को निर्देश दिए कि सरकार का लक्ष्य तीसरी,पांचवी, सातवीं कक्षाओं के बच्चों को गुणात्मक शिक्षा प्रदान करने व उनके विषय में सक्षम बनाना है, लेकिन इसके विपरीत अध्यापक बच्चों को शिक्षित करने में लापरवाही बरत रहे हैं, जो किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी। सरकार का लक्ष्य जिले को हर हाल में सक्षम बनाना है। ऐसे में अध्यापक बंक मारने की बजाय बच्चों की तैयारी करने की तरफ ज्यादा ध्यान दें, ताकि बच्चे अपने विषय में सक्षम बन सकें। उन्होंने कहा कि उनके पास कुछ ऐसे स्कूलों से भी सूचनाएं आ रही हैं जिनमें अध्यापक सुबह देरी से स्कूल आते हैं और छुट्टी से पहले ही स्कूल छोड़कर चले जाते हैं। ऐसे स्कूलों का भी जल्द ही औचक निरीक्षण किया जाएगा। उन्होंने अध्यापकों को चेतावनी देते हुए कहा कि वे समय पर स्कूलों में आकर बच्चों को बेहतर ढंग से गुणात्मक शिक्षा प्रदान करने का काम करें।

इस बारे में जब स्कूल के मुखिया शिक्षक नरेन्द्र कुमार से बात की गई तो उन्होंने बताया कि वे दो दिन की छुट्टी डीडीओ से स्वीकृत करवाकर गए हैं। जबकि दो अन्य अध्यापकों ने भी एक शादी समारोह के चलते सी-लीव ले रखी थी। उन्होंने डी.डी.ओ. को अवगत करवाकर दुसरे स्कूल से एक अध्यापक की आंतरिक व्यवस्था करवाई हुई थी।
वहीं मिडल स्कूल के हैड विनोद कुमार ने बताया कि कहा कि प्राथमिक विद्यालय के एक अध्यापक के परिवार में शादी समारोह था। जिसके कारण तीनों अध्यापकों ने सी-लीव लेकर उनसे सैंक्शन करवाई हुई थी। ऐसे में जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी के द्वारा किए गए निरीक्षण के दौरान तीनों अध्यापक छुट्टी पर मिले। सभी को कारण बताओ का नोटिस जारी कर दिया गया है।
फोटो कैप्शन:14- झरौली खुर्द में औचक निरीक्षण के बाद बच्चों से सवाल पुछते सतनाम सिंह।

LEAVE A REPLY