आधी रात को मान गए जाट, अब अमित शाह की रैली का नहीं करेंगे विरोध

0
3

नई दिल्ली: यहाँ हरियाणा भवन में कल देर रात्रि तक हरियाणा सरकार और जाट नेताओं के बीच कई दौर की बातचीत चलती रही। तीसरे दौर की बातचीत में बात बन गई है और जाट समुदाय अब 15 फरवरी को कोई रैली नहीं करेगा। हरियाणा भवन में सीएम मनोहर लाल खट्टर की अध्यक्षता में जाट प्रतिनिधियों के साथ बातचीत दो बार फेल होने के बाद आखिरकार तीसरे दौरे में सिरे चढ़ गयी। इस बैठक के बाद अखिल भारतीय जाट आरक्षण संघर्ष समिति के अध्यक्ष यशपाल मलिक ने कहा कि सरकार ने हमारी सभी मांगें मान ली हैं। अब 15 फरवरी की जाट रैली रद्द कर दी गयी है। अमित शाह का विरोध नहीं किया जाएगा। हालांकि, 18 फरवरी को जाट प्रदेशभर में बलिदान दिवस मनाएंगे। मलिक के अनुसार सीएम खट्टर ने उन्हें आश्वासन दिया है कि संसद में जाट आरक्षण संबंधी बिल पास कराया जाएगा। मलिक ने यह भी कहा कि सीएम ने फरवरी 2016 के जाट अांदाेलन के दौरान दर्ज केस वापस लेने का आश्वासन दिया है।

वहीं, सीएम खट्टर की तरफ से बयान में कहा गया कि सरकार जाटों सहित 6 जातियों- जट सिख, बिश्नोई, त्यागी, रोड़, मूला जाट को आरक्षण देने के लिए प्रतिबद्ध है। संसद के इसी सत्र में आरक्षण बिल पारित कराया जाएगा। उन्होंने कहा उम्मीद है कि कांग्रेस इस बिल को पास करने में मदद करेगी। सरकार की ओर से बैठक में सीएम खट्टर के अलावा केंद्रीय मंत्री चौ. बीरेंद्र सिंह, राज्यसभा सांसद भूपेंद्र यादव, पार्टी के हरियाणा मामलों के प्रभारी डॉ. अनिल जैन व खट्टर सरकार के कैबिनेट मंत्री कृष्णलाल पंवार शामिल रहे।
जाटों की ओर से यशपाल मलिक, अशोक बल्हारा व रोहतास हुड्डा सहित समिति की कोर कमेटी के पदाधिकारी मौजूद रहे। शाम करीब साढ़े 6 बजे पहले दौर की वार्ता शुरू हुई। यह वार्ता विफल होने के बाद फिर से बातचीत के लिए दोनों पक्षों ने सुलह की कोशिश की। देर रात्रि जाटों को मनाने में सफल रही।

LEAVE A REPLY