25 लाख देकर जुबान बंद करने वाले फोर्टिस वालों ने खाया 1737 फीसदी मुनाफ़ा

Haryana government to file FIR against Fortis for negligence in dengue case

नई दिल्ली:किसी विभाग का एक कर्मचारी 8 से 24 घंटे काम करता है लेकिन परिवार पालना मुश्किल होता है। देश में कई ऐसे विभाग हैं जिसके कर्मचारी चौबीसों घंटे काम पर तैनात रहते हैं खासकर पुलिस विभाग के लेकिन इतना काम करने के बाद भी इन आर्थिक स्थिति खराब रहती है। पिछले ढाई दशकों में देश में शिक्षा और स्वास्थ्य कुछ ज्यादा ही बाजारू हो गया और स्कूल और हॉस्पिटल वालों की कमाई हजारों, लाखों फीसदी बढ़ गई तभी देश में पांच सितारा स्कूलों और अस्पतालों की लाइन लग गई। गुरुग्राम की फोर्टिस अस्पताल की बड़ी लूट का खुलासा हरियाणा सरकार ने किया है। सरकार के मुताबिक़ इलाज के नाम फोर्टिस अस्पताल ने कई दवाओं में 1737 फीसदी तक का मुनाफा खाया।  जबकि काम में ली गई कुछ दवाओं में 108 फीसदी तक लाभ कमाया. अस्पताल में जेनेरिक दवाएं मौजूद थी, बावजूद इसके ब्रांडेड दवाओं का इस्तेमाल किया गया।

लूट की एक हद होती है और डाक्टरों को तो लोग भगवान् समझते हैं लेकिन डाक्टर एक मरीज से 1737 फीसदी मुनाफा खाएंगे तो उन्हें भगवान् नहीं शैतान कहा जाएगा। देश में ऐसे बहुत लुटेरे हैं, नाममात्र के ही पकडे जाते हैं। हरियाणा के स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज अगर ढीले पड़ जाते तो फोर्टिस वाले भी बच जाते। फोर्टिस वालों को पता है कि हमारी लूट का भंडाफोड़ हो चुका है और अस्पताल की बदनामी हो रही है इसी कारण वो बच्ची के पिता को पैसों की लालच दे रहे हैं। मालुम हो कि सात साल की बच्ची आद्या की मौत के जिम्मेदार फोर्टिस अस्पताल के खिलाफ लड़ाई लड़ रहे पिता जयंत सिंह का आरोप है कि जुबान पर लगाम लगाने के लिए अस्पताल प्रशासन ने उन्हें 25 लाख रुपये की रिश्वत देने की कोशिश की है।

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