3 नहीं 10 लोगों ने किया था हरियाणा की छात्रा से गैंगरेप, परिवार को मिली जान से मारने की धमकी

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नई दिल्ली: हरियाणा के कनीना गैंगरेप मामले में आम आदमी पार्टी के हरियाणा के अध्यक्ष नवीन जयहिंद ने एक ट्वीट किया है जिसमे उन्होंने लिखा है कि मैने परिवार से बात की है लड़की से मिलके आया हु । परिवार ने बताया आरोपी 3 नही है करीब 10 लोग है । बहुत गरीब है परिवार को जान से मारने की धमकी मिली है ।लड़की सदमे में है डरी हुई है सरकार को तुरंत लड़की और परिवार की सुरक्षा पर ध्यान देना चाहिए। डॉक्टर से बात हुई हालत सिथर बताई है।इस ,मामले में रेवाड़ी पुलिस ने तीन आरोपियों की तस्वीरें सार्वजनिक की हैं जो संलग्न है।

इस मामले में मीडिया रिपोर्ट पर स्वत: संज्ञान लेते हुए मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी एवं जिला विधिक सेवाएं प्राधिकरण के सचिव विवेक यादव ने कनीना थाने से रिपोर्ट ली है। वहीं दूसरी तरफ उन्होंने आज रेवाड़ी अस्पताल में जाकर पीडि़ता से मुलाकात की और उनके परिजनों को 2 लाख रुपए का चैक अंतरिम राहत के तौर पर दिया।
हरियाणा पीडि़ता राहत योजना-2013 के तहत हरियाणा विधिक सेवाएं प्राधिकरण की तरफ से डीएलएसए पीडि़ता को तुरंत अंतरिम सहायता मुहैया करवाती है। अजय कुमार मित्तल न्यायमूर्ति पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय एवं कार्यकारी अध्यक्ष हरियाणा राज्य विधिक सेवाएं प्राधिकरण पंचकुला की देखरेख में यह सहायता दी जाती है।
मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी एवं जिला विधिक सेवाएं प्राधिकरण नारनौल के सचिव विवेक यादव ने बताया कि पीडि़ता व उसके परिवार से मिलकर इस मामले में सभी प्रकार की सहायता के लिए दो पैनल एडवोकेट की टीम को भी जिम्मेदारी दी गई है। ये टीम पीडि़ता की काउंसलिंग के अलावा उन्हें कानूनी सहायता मुहैया कराएगा।
उन्होंने बताया कि हरियाणा पीडि़ता राहत योजना-2013 के तहत हरियाणा विधिक सेवाएं प्राधिकरण की तरफ से विभिन्न मामलों में पीडि़ता को तुरंत अंतरिम सहायता देने का प्रावधान है। अन्य सहायता राशि केस के फैसले के दौरान दी जाती है। इसी योजना के तहत आज उन्होंने पीडि़ता से मिलकर यह राशि उनके परिजनों को सौंपी है। यह राशि पीडि़ता के ईलाज व अन्य जरूरतों को पूरा करने के लिए दी गई है। प्राधिकरण द्वारा पीडि़ता को कानूनी सहायता भी उपलब्ध करवाई जाएगी।
श्री यादव ने बताया कि पीडि़ता का परिवार खुद बड़े सदमे से गुजर रहा है इसलिए उन्होंने इस संबंध में सभी प्रकार के कागजात तैयार करने के लिए एडवोकेट पैनल को जिम्मेदारी सौंपी है। वे उनके घर जाकर कागजात तैयार कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि हमारा पहला मकसद पीडि़ता को मेडिकल व कानूनी सहायता करना है।

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