बजटीय लेन-देन के ऑन-लाइन में हरियाणा देश का पहला राज्य बना

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चण्डीगढ़, 8 अगस्त- प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के डिजिटल इण्डिया विजन को आगे बढ़ाते हुए हरियाणा के वित्त मंत्री कैप्टन अभिमन्यु ने बेहतर पारदर्शी वित्तीय प्रबंधन के वायदे के अनुरूप वित्त विभाग द्वारा विभिन्न विभागों को दिए जाने वाले अनुदान के ऑन-लाइन पोर्टल का शुभारम्भ किया।
चंडीगढ़ के सेक्टर-3 स्थित हरियाणा निवास में ऑन-लाइन पोर्टल का शुभारम्भ करने के उपरान्त एक पत्रकार सम्मेलन को सम्बोधित करते हुए वित्त मंत्री ने बताया कि हरियाणा देश का पहला राज्य बन गया है जिसने यह अनूठी पहल की है। वित्त मंत्री ने स्वास्थ्य विभाग को राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के तहत 84.58 करोड़ रुपये का ऑनलाइन ट्रांजक्शन कर इसकी शुरुवात की और इस ट्रांजेक्शन की प्रति स्वास्थ्य विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव श्री आर.आर.जॉवल व मिशन निदेशक श्रीमती अमनीत पी.कुमार को सौंपी।
कैप्टन अभिमन्यु ने बताया कि हरियाणा के बेहतर वित्तीय प्रबंधन की सराहना केन्द्रीय वित्तमंत्री श्री अरुण जेटली पहले ही कर चुके है और आज हरियाणा ने इस कड़ी में एक नया अध्याय जोड़ दिया है। उन्होंने बताया कि बजटीय लेन-देन के ऑन-लाइन ट्रांजक्शन से जहां एक ओर पारदर्शीता बढ़ेगी वहीं दूसरी ओर आहरण एवं वितरण अधिकारियों, खजाना अधिकारियों व वित्त विभाग के अधिकारियों व कर्मचारियों की कार्यकुशलता भी बढ़ेगी। उन्होंने बताया कि भविष्य में सभी विभागों को अपने लेन-देन का केवल एक ही बैंक खाता रखना होगा। वित्त मंत्री ने स्मरण करवाया कि वित्त वर्ष 2018-19 के बजट भाषण में भी उन्होंने इस बात का उल्लेख किया था कि सभी विभागों को सरकारी निधि अपने एक ही खाते में रखनी अनिवार्य होगी। यदि कोई विभाग एक से अधिक बैंक खाते खोलना चाहता है, तो इसके उद्ïेश्य व औचित्य की विस्तृत जानकारी देकर वित्त विभाग से अनुमति लेनी होगी। उन्होंने बताया कि केन्द्र सरकार ने राज्यों को स्मार्ट सिटी फण्ड के लेन-देन के लिए अलग से बैंक खाता खोलने के निर्देश दिए है।
उन्होंने बताया कि वित्त विभाग ने विभिन्न विभागों, बोर्डों, निगमों तथा स्वायत निकायों के बैंक खातों की जानकारी एकत्रित करने का कार्य शुरू कर दिया है। सभी आहरण एवं वितरण अधिकारियों को (डीडीओ) को निर्धारित प्रारूप में यह जानकारी देने के निर्दे’श दिए गए है। इसके अलावा, सभी खजाना अधिकारियों को भी व्यक्तिगत रूप से डीडीओ से इस जानकारी को एकत्रित करने को कहा है। इस कार्य में स्थानीय लेखापरीक्षा विभाग का भी सहयोग लिया जा रहा है। उन्होंने बताया कि अब तक 257 इकाइयों के बैंक खातों में करीब 7530 करोड़ रुपये की राशि की जानकारी वित्त विभाग को मिली है। वित्त मंत्री ने बताया कि इस पैसे का सही उपयोग सुनिश्चित करने के दृष्टिïगत हरियाणा राज्य वित्तीय सेवा लिमिटेड नाम से एक गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनी (एनबीएफसी) की स्थापना की जा रही है। कंपनी भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) के साथ पंजीकृत की जाएगी, ताकि इसे एनबीएफसी के रूप में कार्य करने में सक्षम बनाया जा सके जिसके लिए आवश्यक कार्रवाई की जा रही है।
वित्त मंत्री ने ऑनलाइन पोर्टल तैयार करने के लिए राष्टï्रीय सूचना विज्ञान केन्द्र के अधिकारियों तथा वित्त विभाग की पूरी टीम को बधाई एवं शुभकामनाएं दी तथा उनकी कड़ी मेहनत की सराहना भी की। इस अवसर पर वित्त विभाग के प्रधान सचिव श्री टी.वी.एस.एम प्रसाद ने ऑनलाइन ट्रांजक्शन पर एक प्रस्तुतिकरण भी दिया। उन्होंने बताया कि राज्य के 9300 आहरण एवं वितरण अधिकारियों, लगभग 105 खजाना एवं सहायक खजाना अधिकारियों को विशेष प्रशिक्षण दिया गया है और आज से विभिन्न, विभागो, बोर्डों व निगमों के लगभग 50 हजार बैंक खाते ऑनलाइन हो जाएंगे।
इस अवसर पर वित्त विभाग के विशेष सचिव श्री वजीर सिंह गोयत व श्री भूपेन्द्र सिंह, आयुष विभाग के महानिदेशक डॉ. साकेत कुमार, वित्त सलाहकार श्री सुनील शरण के अलावा राष्ट्रीय सूचना विज्ञान केन्द्र तथा वित्त विभाग के अन्य अधिकारी भी उपस्थित थे।

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