2019 में हरियाणा में त्रिकोणीय मुकाबला, हुड्डा की रैली की भीड़ से ज्यादा खुश न हो कांग्रेस क्यू कि?

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चंडीगढ़: हरियाणा में अगले विधानसभा चुनावों की आहट दिखाई पड़ रही है। प्रदेश के हजारों नेता विधायक बनने की तैयारी करने लगे हैं। 90 विधानसभा क्षेत्रों में हर एक विधानसभा से 10 से ज्यादा लोग विधायक बनने की तैयारी में जुटे हैं। इन नेताओं को पता है कि एक बार प्रदेश के विधायक बन गए तो एक बड़े अधिकारी की पगार से ज्यादा आजीवन पेंशन मिलेगी और पांच वर्ष विधायक रह गए तो होली दीवाली पर ठेकेदार, माफिया वगैरा इतने तोहफे दे देंगे कि आजीवन किसी तोहफे और नकद नारायण की जरूरत नहीं पड़ेगी।
अगले विधानसभा चुनावों में क्या होगा? किसकी सरकार बनेगी इसका अनुमान फिलहाल लगाएं तो कुछ भी संभव है लेकिन भाजपा का दुबारा पूर्ण बहुमत से सत्ता में आना असंभव है। नरेंद्र मोदी हर विधानसभा में एक रैली करें तो भी भाजपा सरकार शायद ही बने। ये भी संभव है कि कम सीटें आने पर भाजपा किसी पार्टी से समझौता करे और ऐसे में टीम चौटाला भाजपा के साथ खड़ी दिख सकती है। सूत्रों और अनुमान और सोशल मीडिया के गणित की बात करें तो टीम चौटाला को भाजपा से ज्यादा सीटें मिल सकतीं हैं और ऐसे में इनेलो की भी सरकार बननी संभव है लेकिन फिलहाल कांग्रेस सबसे आगे है और हो सकता है कांग्रेस को भाजपा इनेलो से ज्यादा सीटें मिलें क्यू कि पूर्व सीएम भूपेंद्र हुड्डा वर्तमान में हरियाणा में सबसे दमदार नेता दिख रहे हैं।

लगभग एक साल से मैं हरियाणा के बड़े नेताओं की रैलियों पर नजर रख रहा हूँ, अभी तक मैंने हुड्डा की रैलियों में जितनी भीड़ देखा किसी और नेता की रैली में नहीं देखा। हुड्डा का एक ही माइनस प्वाइट है वो ये है कि उनकी रैली में पहुँचने वाले अधिकतर लोग उन्हें वोट नहीं देते। ऐसा क्यू लिख रहा हूँ ये भी आपको बता रहा हूँ। 2014 विधानसभा चुनावों से पहले हुड्डा ने गोहाना में एक बड़ी रैली की थी। दवा था कि इस रैली में 7 लाख से ज्यादा लोग पहुंचे थे। नवम्बर 2013 में इस रैली में अपार भीड़ हुई थी लेकिन 2014 के चुनावों में हुड्डा की विदाई हो गई। कांग्रेस का एक और माइनस प्वाइंट है और वो ये है कि वर्तमान में कांग्रेस कई गुटों में बंटी है और हुड्डा और कांग्रेस अध्यक्ष के सम्बन्ध अच्छे नहीं हैं। खून खराबा भी हो चूका है और एक अन्य माइनस प्वाइंट की बात करें तो एक मामले में सत्ता पक्ष हुड्डा को जेल भेजने की भी बात करता है। इन सभी बातों से अंदाजा लगता है कि 2019 में हरियाणा का मुकाबला त्रिकोणीय होगा।

पूर्व सीएम हुड्डा जनक्रांति यात्रा के पांचवें चरण में आज महेंद्रगढ़ जिले में थे जहां भारी भीड़ देखी गई I विश्वविद्यालय प्रांगण में जहाँ उनका हेलिकॉप्टर उतरा, भीड़ एक रैली का नज़ारा पेश कर रही थी I लोगों के जुनून का आलम यह था कि केन्द्रीय विश्वविद्यालय पाली से खेल स्टेडियम महेंद्रगढ़ तक का 8 किलोमीटर के रास्ते को तय करने में जनक्रांति यात्रा के काफिले को ढाई घंटे लगे I रास्ते में पड़ने वाले गाँव की महिलाओं समेत लोगों ने पूर्व मुख्यमंत्री का फूल मालाओं से और दूध पिला कर उनका स्वागत और सम्मान किया I अपार भीड़ के कारण आज खेल स्टेडियम में तिल रखने तक की जगह नहीं बची I इस भीड़ को देख कांग्रेस खुश होगी जैसे नवम्बर 2013 गोहाना रैली की भीड़ देखकर हुई थी लेकिन उस रैली को कांग्रेस को कोई फायदा नहीं मिला और हरियाणा में भाजपा की सरकार बनी। हरियाणा में भाजपा क्यू कमजोर हो रही है इसके एक दो नहीं सैकड़ों कारण हैं और सबसे बड़े कारण ये हैं कि अनाड़ी राजा बन गया और तमाम सेनापति भी अनाड़ी ही बने। खट्टर सौ रूपये विकास के लिए देते हैं तो सिर्फ तीस या चालीस रूपये विकास कार्य में लगते हैं बाकि सब आपस में बाँट लिए जाते हैं, स्थानीय विधायक और उनके चहेते अधिकारी, ठेकेदार सब जमकर मालामाल हो रहे हैं । इस बारे में बड़ा खुलासा भी जल्द होगा। सबूत सहित,

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