केबिनेट मीटिंग में बड़ा फैसला, अब कब्जाधारकों को मिल जाएंगी नगर निगमों की दुकानें और मकान

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Haryana Cabinet Meeting In Chandigarh
Haryana Chief Minister, Mr. Manohar Lal presiding over state cabinet meeting in Chandigarh on September 27, 2017.

चण्डीगढ़, 22 नवंबर – हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री मनोहर लाल की अध्यक्षता में आज यहां हुई मंत्रिपरिषद की बैठक में नगरनिगम की अचल सम्पत्तियों के निपटान के सम्बन्ध में हरियाणा नगरनिगम अधिनियम, 1994 की धारा 164(सी) में संशोधन के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई है। जिसके अनुसार नगरनिगमों की अचल सम्पत्ति का हस्तांतरण उन व्यक्तियों को किया जाएगा, जिनके कब्जे में दुकानें या 1000 वर्ग फुट तक के मकान है।

प्रवक्ता ने बताया कि पिछले कई वर्षों से सरकार नगर निगमों की अचल सम्पत्तियों, जो व्यक्तियों को लीज/किराया आधार पर पिछले कई वर्षों से दी हुई हैं तथा जिनसे नगरनिगम को अधिक राजस्व की प्राप्ति नहीं होती व उनको खाली करवाने में सफल नहीं हुए हैं, उन कब्जाधारकों को बेच दिया जाए ताकि नगरनिगमों को कुछ राजस्व की प्राप्ति हो सके और कब्जाधारकों को उस सम्पत्ति का मालिकाना हक मिल सके। सरकार द्वारा ऐसे कब्जाधारकों से बहुत से आवेदन प्राप्त हुए हैं, जिनमें ऐसी सम्पत्तियों को, जिनका वे पिछले कई वर्षों से किराया दे रहे हैं, को अलाट कर दी जाएं।
वर्तमान कब्जाधारक यदि मूल आबंटी/पट्टाधारक से भिन्न हैं तो वे इस बात का शपथ पत्र देंगे कि यह सम्पति किसी स्वामित्व और कब्जे की मुकदमेंबाजी से मुक्त है।

यदि आबंटन / पट्टे के समय पर स्थल पर किसी भवन का निर्माण किया गया है तो उसका मूल्य पीडब्ल्यूडी दर पर होगा। आगे, सम्पति किसी भी प्रकार के अवैध कब्जे से मुक्त होगी, यदि सम्पत्ति का क्षेत्र 1000 वर्गगज से अधिक है तो इसे सरकार की स्वीकृति के उपरांत आबंटित किया जाएगा। 1000 वर्गगज से कम का क्षेत्र होने की स्थिति में उपायुक्त /आयुक्त, नगर निगम आबंटन के लिए सक्षम होंगे। यदि कोई सम्पति विकास के वांच्छित प्रस्तावित क्षेत्र के भीतर पड़ती है तो आबंटी को उसी मूल्य का वैकल्पिक प्लाट दिया जाएगा।

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