हामिद अंसारी 10 साल काजू बादाम खाये और जाते वक्त बता गए ओवैसी जैसे हैं

Hamid Ansari ate kaju badam for 10yrs. Now ranting like Owaisi. Shame

नई दिल्ली: बतौर उपराष्ट्रपति हामिद अंसारी के लगातार 2 कार्यकाल पूरा होने के मौके पर आज राज्यसभा में उन्हें विदाई दी जा रही है । प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हामिद अंसारी की तारीफ़ करते हुए उनकी वहीं चुटकी भी ली। पीएम ने कहा कि आपका अपना जीवन भी डिप्लोमैट का रहा। एक करियर डिप्लोमैट का क्या काम होता है यह पीएम बनने के बाद मुझे समझ में आया, क्योंकि उनके हंसने का क्या अर्थ होता है, हाथ मिलाने के तरीके का क्या अर्थ होता है, यह तुरंत समझ नहीं आता क्योंकि उनकी ट्रेनिंग वही होती है, लेकिन इस कौशल का इस्तेमाल 10 सालों में जरूर हुआ होगा, सबको संभालने में उस कौशल ने किस प्रकार से इस सदन को लाभ पहुंचाया होगा। राज्य सभा में अन्य नेता भी उपराष्ट्रपति को विदाई दे रहे हैं लेकिन सोशल मीडिया पर उपराष्ट्रपति को अब भी उनके एक बयान के लिए लपेटा जा रहा है। मालुम हो कि उपराष्ट्रपति ने हामिद अंसारी ने कहा है कि देश के मुस्लिम खुद को असुरक्षित महसूस कर रहे हैं। देश के मुस्लिमों में बेचैनी का अहसास और असुरक्षा की भावना है।

उपराष्ट्रपति का यही बयान उनके गले की फांस बनता जा रहा है। राज्य सभा में उनकी  तारीफ़ हो रही हैं लेकिन बाहर उन्हें उस तरह की विदाई नहीं दी जा रही है जैसे कलाम और प्रणब मुखर्जी को दी गई थी। ट्विटर पर हामिद अंसारी के नाम से पेज ट्र्रेंड किया गया है जिसमे अंसारी पर निशाना साधा जा रहा है। जुबीना अहमद नाम की एक महिला ने लिखा है कि हामिद अंसारी को उपराष्ट्रपति नहीं किसी मदरसे का मौलवी होना चाहिए था। गौरव ने लिखा है कि हर मुस्लिम कलाम जैसा होगा ये सोच कर उसे इतने बड़े ओहदे पर भेजना हमारी भी मूर्खता का परिणाम हैं। जितेंद्र ने लिखा है कि माननीय ने उप राष्ट्रपति पद का पूरा लुफ्त उठाया और अब ऐसा विवादित बयान, वे उप राष्ट्रपति पद के कितने योग्य थे ये उन्होने प्रमाणित कर दिया। गिरीश ने लिखा है कि दस साल तक काजू बादाम खाये और जाते हुए दिखा कि ओवैसी जैसे हैं।

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