वो दोस्त बहुत मायने रखते हैं, जो वक़्त आने पर सामने आइने रखते हैं: सहवाग बाबा

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नई दिल्ली: अगस्त का पहला रविवार दोस्ती दिवस के रूप में मनाया जाता है। लेकिन ज़्यादातर लोगों को ये नहीं पता है कि क्यों इस दिन को दोस्ती को समर्पित किया गया है। आइए सबसे पहले तो जानते है कि दोस्ती दिवस मनाने की शुरूवात कैसे हुई थी।

दरअसल, एक बार अमेरिका की सरकार ने एक व्यक्ति को मार दिया था। इस व्यक्ति का एक दोस्त था, जिसने अपने दोस्त की मृत्यु के गम में आत्महत्या कर ली। उनकी दोस्ती की गहराई को सम्मान देते हुए 1935 से अमेरिका में इस दिन को दोस्तों के नाम कर दिया गया और इस तरह फ्रेंडशिप डे मनाने की शुरूवात हुई। अब सिर्फ अमेरिका में नहीं पूरी दुनिया में ये दिन दोस्ती दिवस के रूप में मनाया जाने लगा। भारत में आज के दिन दोस्त अपने दोस्तों को इस दिन की बधाई देते हैं। बाजारों में फ्रेंडशिप बैंड भी बिकते हैं जो दोस्त अपने दोस्तों को गिफ्ट करते हैं। इसी दिवस को लेकर पूर्व अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेटर वीरेंद्र सहवाग ने एक ट्वीट किया है।

उन्होंने ट्वीट में लिखा है कि वो दोस्त बहुत मायने रखते हैं , जो वक़्त आने पर सामने आइने रखते हैं । सहवाग का कथन काफी हद तक ठीक है। अगर आपका दोस्त कोई गलती करता है तो उसे आइना दिखा उसे सुधारने का प्रयास करें न की उसके साथ खुद भी गलत हो जाएँ। आइना दिखाने पर कुछ देर के लिए आपका दोस्त खफा हो सकता है लेकिन ज्यादा समय तक के लिए नहीं। जब वो समझ जायेगा कि आपकी भलाई के लिए उसने आपको आइना दिखाया तब आपके गले लग जाएगा। सहवाग ने हाल में ट्विटर पर अपनी बाबा वाली तस्वीर पोस्ट की थी जी खबर के साथ संलग्न है। इस तस्वीर पर उनके लाखों  फैंस ने जमकर तफरी ली थी। हंसी मजाक किया था।

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