हरियाणा में मछली उत्पादन बढ़ाने की तैयारी शुरू

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Fish In Haryana Report

चंडीगढ़, 2 नवंबर – हरियाणा राज्य मत्स्य विभाग ने 2017-18 के अंत तक मत्स्य उत्पादन का लक्ष्य बढ़ा कर 10,000 किलोग्राम प्रति हेक्टेयर प्रति वर्ष निर्धारित किया है जो कि 2016-17 में 7,200 किलोग्राम प्रति हेक्टेयर प्रति वर्ष था। वर्ष 2013-14 में यह आंकड़ा 5,800 किलोग्राम प्रति हेक्टेयर प्रति वर्ष था।  विभाग के एक प्रवक्ता ने आज यहां यह जानकारी देते हुए बताया कि मत्स्य पालन क्षेत्र की क्षमता और संभावनाओं को पहचानते हुए नीली क्रांति लाने के लिए ‘मिशन फिंगरिंग’ की इकाइयां स्थापित करने के लिए 212.18 करोड़ रुपये से अधिक की लागत की परियोजना केंद्र सरकार को भेजी गयी है। उन्होंने बताया कि विभाग ने झज्जर और चरखी दादरी जिलों में लगभग 16,000 एकड़ जलमग्न भूमि पर मत्स्य पालन करने का एक प्रस्ताव भी भेजा है ताकि मत्स्यपालकों के लिए आय का नया स्रोत उत्पन्न हो सके।
उन्होंने बताया कि हरियाणा के लिए अपनी तरह की एक पहली परियोजना को मंजूरी दी गई है जिसके तहत झज्जर में 13.68 करोड़ रुपये की लागत से रंगीन मछलियों के लिए एक हाई-टैक और अत्याधुनिक हैचरी स्थापित की जाएगी। इसके अतिरिक्त, राज्य में 16 रिसर्कुलेटिंग एक्वाकल्चर सिस्टम (आरएएस) यूनिट्स की स्थापना भी की जाएगी।
उन्होंने बताया कि राष्ट्रीय कृषि विकास योजना के अंतर्गत चालू वित्त वर्ष में अतिरिक्त 400 हेक्टेयर बेकार पड़ी क्षारीय भूमि में सफेद झींगा का पालन किया जाएगा। इसके तहत, झींगा पालकों को कुल लागत का 50 प्रतिशत अनुदान दिया जाएगा। उन्होंने बताया कि सरकार ने वित्तीय सहायता के लिए 51.10 करोड़ रुपये का प्रावधान किया है।

उन्होंने बताया कि राज्य में वर्ष 2016-17 में मत्स्य उत्पादन 1,44,200 मीट्रिक टन तक पहुंच गया, जबकि 2013-14 में 1,05,597 मीट्रिक टन उत्पादन हुआ था और मत्स्य उत्पादन को चालू वित्त वर्ष में और बढ़ाया जाएगा। उन्होंने बताया कि विभाग का बजट आवंटन वर्ष 2013-14 में 27.42 करोड़ रुपये से बढक़र 2017-18 में 87.60 करोड़ रुपये किया गया है ताकि नीली क्रांति को बढ़ावा दिया जा सके और मत्स्य पालन को एक लाभदायक व्यवसाय बनाया जा सके।

उन्होंने बताया कि भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (आईसीएआर) ने हरियाणा को मत्स्य रोगों से मुक्त राज्य घोषित किया है।
उन्होंने बताया कि केंद्र द्वारा प्रायोजित नीली क्रांति योजना के तहत विभाग ने तालाब की खुदाई, तालाब के सुधार और जलमग्न एवं क्षारीय भूमि के विकास के लिए वित्तीय सहायता को 20 प्रतिशत से बढ़ाकर 60 प्रतिशत किया गया है। हरियाणा देश में पहला लैंड लॉक्ड राज्य है जहां क्षारीय भूमि में सफेद झींगा का पालन किया जा रहा है।

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