VIDEO: फरीदाबाद के सरकारी स्कूल को दिया मेट्रो ट्रेन जैसा लुक, बहुत खुश हैं छात्राएं

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फरीदाबाद: फरीदाबाद में राजकीय कन्या वरिष्ठ माध्यमिक स्कूल की प्रिंसिपल की सोच ने छात्राओं के लिए कुछ नया करने के लिए स्कूल के कमरों को मैट्रो ट्रैन जैसा लुक दिया है। जी हाँ एनआईटी फरीदाबाद स्थित 5 नंबर का राजकीय कन्या वरिष्ठ माध्यमिक स्कूल है जिसकी प्रधानाचार्य की सोच ने न केवल इस स्कूल की दीवारों और कमरों को सुन्दर बना दिया है बल्कि इस स्कूल की दीवारों पर की गई सामान्य ज्ञान और शिक्षा से जुडी विभिन्न विषयों की पेंटिंग और सीढ़ियों पर लिखे मैथ के फार्मूले बच्चो को रोज खेल ही खेल में पढ़ाने का काम करते है।

स्कूल की प्रिंसिपल ने बताया की वाट्सअप के माध्यम से उन्होंने एक स्कूल का दृश्य देखा जिस स्कूल पर इंडियन रेल की पेंटिंग कर उसे ट्रेन जैसा लुक दिया हुआ था उसी से प्रभावित होकर उन्होंने अपने स्कूल के कमरों को मैट्रो ट्रैन जैसा लुक दिया है। इतना ही नहीं फरीदाबाद का एक ऐसा स्कूल है जहाँ पढ़ने आने वाले बच्चो को स्कूल की दीवारें भी पढाती है ,तो आप सोच रहे होंगे की क्या इस स्कूल में अध्यापक नहीं पढ़ाते तो ऐसा कतई नहीं है इस स्कूल में टीचर भी है और वह भी बड़ी ही ईमानदारी से बच्चो को पढ़ाते है। जी हाँ एनआईटी फरीदाबाद स्थित 5 नंबर का राजकीय कन्या वरिष्ठ माध्यमिक स्कूल है जिसकी प्रधानाचार्य की सोच ने न केवल इस स्कूल की दीवारों और कमरों को सुन्दर बना दिया है बल्कि इस स्कूल की दीवारों पर की गई सामान्य ज्ञान और शिक्षा से जुडी विभिन्न विषयों की पेंटिंग और सीढ़ियों पर लिखे मैथ के फार्मूले बच्चो को रोज खेल ही खेल में पढ़ाने का काम करते है.वहीँ इस स्कूल की प्रधानचार्य की माने तो स्कूल में आने वाले बच्चो को और आकर्षित करने के लिए उन्होंने इस स्कूल के कमरों को मैट्रो ट्रेन जैसा लुक दिया है। वहीँ बच्चो को मैट्रो ट्रेन की खूबियों के बारे जानने को मिल रहा है।

इस स्कूल की प्रधानाचार्य की माने तो वह स्कूल को साफ़ सुथरा रखने और बच्चो को खेल खेल में पढ़ने के बारे रूचि रखतीं थी और एक दिन उन्होंने वाट्सअप के माध्यम से एक स्कूल का दृश्य देखा जिस स्कूल पर इंडियन रेल की पेंटिंग कर उसे ट्रेन जैसा लुक दिया हुआ था और उस पेंटिंग से बच्चो को इंडियन रेल के बारे जानने और और सिखने को मिल रहा था। उसी वाट्सअप को देख उन्होंने भी अपने स्कूल के कमरों पर पेंटिंग के जरिये मैट्रो ट्रेन का लुक दिलवाया। इसके पीछे उनकी सोच थी की बच्चे एक तो मैट्रो ट्रेन के बारे में उसकी खूबियों के बारे में और इसको किसने बनाया आदि जैसे कई बातो का ज्ञान प्राप्त कर पाएंगे। वहीँ उन्होंने बताया की बच्चो को खेल खेल में पढ़ाया जाये तो उन्होंने स्कूल की दीवारों पर सामान्य ज्ञान और शिक्षा से जुडी विभिन्न विषयों की पेंटिंग करवाई और सीढ़ियों पर मैथ के फार्मूले लिखवाए उनके मुताबिक उनके स्कूल की हर दीवार और सीढियाँ बच्चो को कुछ न कुछ पढ़ाती है और सिखाती है। प्रधानचार्य के मुताबिक उनके स्कूल के टीचर भी बच्चो को लगन से पढ़ाते है इसी वजह से उनके स्कूल का रिजल्ट बाकी सरकारी स्कूलों की तुलना में अच्छा आता है और उनके स्कूल में बड़े -बड़े नामी निजी स्कूलों के बच्चे उन स्कूलों को छोड़कर एडमिशन करवाते है ,यहाँ तक की केंद्रीय विधालय के बच्चे भी केंद्रीय विधालय को छोड़कर उनके स्कूल में ऐडमिशन करवा चुके है।

वहीँ स्कूल में पढ़ने वाली छात्राएं भी इस स्कूल की पढ़ाई और यहाँ पढ़ाने के अंदाज से काफी खुश है ,यहाँ पढ़ने वाली छत्राओं ने बताया की जैसे लोगों में धारणा है की सरकारी स्कूलों में पढ़ाई नहीं होती तो वह लोग बिलकुल गलत है बल्कि इस स्कूल में निजी स्कूली की तुलना में बहुत अच्छी पढ़ाई होती और कुछ छात्राओं ने केंद्रीय विद्यालय और तो बड़े-बड़े निजी स्कूलों को छोड़ कर यहाँ दाखिला लिया है।

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