पाखल-पावटा विवाद में राजनीतिक षड़यंत्र के तहत बेवजह उछाला गया मंत्री गुर्जर का नाम

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फरीदाबाद: फरीदाबाद के गांव पावटा और पाखल में एक जमीन को लेकर जमकर विवाद छिडा हुआ है, पिछले दिनों जिला प्रशासन ने पावटा द्वारा कब्जाई गई पाखल की जमीन पर तोडफोड करके उसे मुक्त करवाया था, जिसके पीछे पावटा गांव के लोगों ने केन्द्रीय राज्यमंत्री कष्णपाल गुर्जर का हाथ बताया था। अब पाखल के ग्रामीण मंत्री के पक्ष में एकत्रित हो गये हैं और उन्होंने मांग की है कि पावटा के कब्जे की जमीन में स्कूल बनना है जिसपर पावटा गांव के लोग शमशान घाट बनाकर कब्जा किये हुए हैं।

ये जमीन फरीदाबाद की एनआईटी विधानसभा के अर्तगत आने वाले पाखल और पावटा गांव के बीचों-बीच है। पाखल गांव के ग्रामीणों का आरोप है कि पावटा गांव के लोगों ने उनकी जमीन पर शमशान घाट बनाकर कब्जा कर लिया है, जब उन्होंने इसकी शिकायत जिला उपायुक्त को दी तो आदेशों के बाद डयुटी मजिस्टेट की निगरानी में जमीन की चार दीवारी को जिला प्रशासन द्वार तोड दिया गया और जमीन को मुक्त करवाया गया। मगर इस कार्यवाही से नाखुश पावटा के ग्रामीणों ने केन्द्रीय राज्यमंत्री का हाथ बताते हुए उनका विरोध किया जबकि इस मामले में मंत्री को कोई लेना देना नहीं है यह एक गांव की जमीन है और कार्यवाही आदेशों के बाद की गई है।

ब्लाॅक समिति के चेयरमैन भारत भडाना ने बताया कि पाखल गांव की 5 कीला जमीन पर पावटा गांव के लोगों ने कब्जा करके बीचों-बीच शमशान घाट बना दिया है, यह जमीन गांव पाखल की है जिसमें बच्चों के लिये स्कूल और कालेज खोला जायेगा जिससे सभी गांव के हजारों बच्चों को लाभ मिलेगा, मगर कुछ राजनेताओं के बहकावे में आकर गांव के लोग इस जमीन पर विवाद कर रहे हैं, उनकी मांग है कि गांव की जमीन वापिस कब्जा मुक्त की जाये।उन्होंने कहा  राजनीतिक षड़यंत्र के तहत बेवजह  केंद्रीय राज्य मंत्री कृष्ण पाल गुर्जर का नाम उछाला गया जबकि इस बारे में मंत्री जी को कुछ भी पता नहीं है।

वही इस मामले में पावटा गांव के निवासी जीतराम फौजी ने कहा है कि पाखल गांव के लोगों ने पावटा गांव वालों के लिए पास में ही श्मशान के लिए जगह दे दी है और उस जमीन पर चारदीवारी भी करवा दी गई है उसके बाद भी राजनीतिक षड्यंत्र के तहत पावटा गांव के कुछ लोग इस मामले को तूल दे रहे हैं जो कि गलत है विवादित जमीन पाखल गांव की ही है जिसमें गांव वाले स्कूल बनाना चाहते हैं ।

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