भ्रष्ट नेताओं, भ्रष्ट अफसरों से मिल फरीदाबाद की जनता को बेमौत मारने लगे मिलावटखोर

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फरीदाबाद: 1990 से 2000 के दौरान फरीदाबाद में जिन्हे हार्ड अटैक हुआ उनमे 95 फीसदी लोगों की उम्र 60 वर्ष से ऊपर थी और 2000 से 2010 जिनका हार्ड अटैक हुआ उनमे 50 वर्ष की आयु तक भी लोग शामिल थे और 2010 से लेकर अब तक जिन्हे हार्ड अटैक हुआ उनमे तमाम युवा भी शामिल हैं जिनके उम्र 30-35 साल के आस पास है। ऐसा क्यू होता जा रहा है। क्यू असमय युवाओं के दिल गुर्दे काम करने बंद कर रहे हैं। आप अगर पिछले 25 वर्षों से फरीदाबाद में रह रहे हैं तो आपको मालुम होगा कि लगभग 20 साल पहले शहर में बड़ी बड़ी अस्पतालें नहीं थीं लेकिन अब आधा दर्जन से ज्यादा बड़ी अस्पतालें हैं और कभी इन अस्पतालों में आप जाकर देखें, मेला लगा रहता है, कमरे खाली नहीं मिलते हैं। आखिर फरीदाबाद में इतनी बड़ी महामारी कहाँ से आई गई जो लोगों के दिल फेल होने लगे, गुर्दे जबाब देने लगे और अन्य बड़ी बीमारियां होने लगीं। सूत्रों की मानें तो कुछ लोग फरीदाबाद की जनता को बेमौत मार रहे हैं। इनमे कई विभागों के अधिकारी, कुछ नेता शामिल हैं। इन भ्रष्टों को अपनी तिजोरी भरने से मतलब है फरीदाबाद की लगभग 25 जनता भाड़ में जाए इन्हे कोई फर्क नहीं पड़ता। लगभग 70 फीसदी खाद्य वस्तुओं में मिलावट, अधिकारी कमाने के लिए सिंपल ले जाते हैं और मिलावटखोरों से मोटा माल लेकर उस सिंपल को कूड़ेदान में फेंक देते हैं उसकी जाँच नहीं करवाते हैं।

शहर के कई बड़े समाजसेवियों ने आज एक प्रेस वार्ता किया जिनमे पदमश्री पुरस्कार विजेता ब्रम्हदत्त, फरीदाबाद के अन्ना हजारे कहे जाने वाले अनशनकारी बाबा रामकेवल, युवा समाजसेवी वरुण श्योकंद और आरटीआई कार्यकर्ता दीपक मिश्रा सहित विश्व विख्यात डॉ बिस्वरूप रॉय चौधरी प्रमुख थे। इस प्रेस वार्ता में शहर में बिक रहे मिलावटी देशी घी के बारे में बड़ा खुलासा हुआ और वरुण श्योकंद ने दावा किया कि मिल्क फ़ूड घी और बल्लबगढ़ में बिकने वाले घी का सिंपल फेल हुआ है। उन्होंने इसकी जांच करवाई है और इनमे पशुओं की चर्बी पाई गई है। डॉ बिस्वरूप रॉय चौधरी ने मीडिया को बताया कि इस मिलावट के घी खाने वालों को जल्द दिल का दौरा पड़ता है, लीवर, किडनी जल्द ख़राब होती है और कई अन्य जानलेवा बीमारियां उन्हें घेर लेती हैं। बल्लबगढ़ में खुलेआम नकली देशी घी बिक रहा है और इस मामले पर वरुण श्योकंद ने कहा कि स्थानीय विधायक की मिलीभगत से ये खेल खेला जा रहा है। कहीं न कहीं कोई न कोई गड़बड़ी जरूर है तभी शहर के लोगों का दिल अचानक काम करना बंद कर दे रहा है। वरुण का कहना था कि कुछ नेता मिलावटखोरों से ही नहीं कई बड़ी अस्पतालों से भी वसूली करते हैं। कोई चुनाव के समय उनसे मदद लेता है कोई किसी अन्य तरीके से।

वरुण ने कई नेताओं के नाम भी लिए लेकिन बिना सबूत यहाँ हम उनके नाम नहीं लिख रहे हैं लेकिन? गड़बड़झाला जरूर है। शहर में आप एक दो नहीं सैकड़ों चाट पकौड़े, मिठाई की दूकान देखेंगे जहाँ लिखा है देशी घी से निर्मित, वरुण की मानें तो इन दुकानों पर चर्बी से बने सस्ते देशी घी का इस्तेमाल किया जाता है और जो नान वेज को देखना तक पसंद नहीं करते वो इन दुकानों की बनी जलेबी या अन्य चीजों को खाकर उंगली भी चाटते रहते हैं। वरुण के मुताबिक जनता की जान ही नहीं धर्म के साथ भी खिलवाड़ की जा रही है। कुछ लोग जिस जानवर का नाम पर नहीं लेना पसंद करते उस जानवर की चर्बी में बने जलेबी अनजाने में खा रहे हैं। सभी धर्मों के लोगों के साथ मिलावटखोर बड़ा खेल खेल रहे हैं और शहर के नेता, अधिकारी तमाशा देख रहे हैं। इस मौके पर प्रेस वार्ता में मौजूद बाबा राम केवल ने कहा कि शहर को कुछ नेता माफियाओं से मिल जमकर लूट रहे हैं और फरीदाबाद के लाखों लोगों की जिंदगी से बड़ी खिलवाड़ हो रही है और इस मामले को लेकर जल्द वो आंदोलन कर सकते हैं।

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