लोकसभा चुनाव सर पर हैं, अब भी बिना पेंदी के लोटे जैसी इधर-उधर लुढ़क रही है फरीदाबाद कांग्रेस

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फरीदाबाद: मिशन 2019 को लेकर देश में सोशल मीडिया पर महासंग्राम चल रहा है। कांग्रेस हर मुद्दे पर भाजपा सरकार को घेर रही है और कहीं न कहीं कांग्रेस सफल भी हो रही है। राफेल डील हो या विजय माल्या मुद्दा कांग्रेस भाजपा को जमकर लपेट रही है और इन मुद्दों पर कांग्रेस जनता को एक सन्देश देने में कामयाब हो रही है कि मोदी सरकार दूध की धुली नहीं है। पेट्रोल डीजल और मंहगाई के मुद्दे पर भी कांग्रेस भाजपा सरकार पर तीर पर तीर चला रही है। कुल मिलकर कांग्रेस का कद बढ़ता दिख रहा है जबकि मोदी सरकार का कद गिर रहा है। राहुल गांधी एक बयान देते हैं तो भाजपा के कई मंत्री प्रेस वार्ता करते हैं और उस बयान पर राहुल को घेरने का प्रयास करते हैं लेकिन सबसे बड़ी बात ये है कि कई लोकसभा क्षेत्रों में कांग्रेस को अब तक लोकसभा का कोई अच्छा संभावित उम्मीदवार नहीं मिल सका है। ऐसे लोकसभा क्षेत्रों में एक नाम फरीदाबाद का भी है जहां कांग्रेस बिन पेंदी के लोटे की तरह इधर उधर लुढ़क रही है। 6 माह के भीतर लोकसभा चुनाव संभव हैं लेकिन फरीदाबाद में अब तक कोई ऐसा कांग्रेसी नहीं दिखा जो भाजपा के कृष्ण को टक्कर दे सके। शहर में कुछ छूभईया नेताओं के होर्डिंग देखने को मिल रहे हैं और सूत्रों की मानें तो वो खुद को कांग्रेस की तरफ से लोकसभा का संभावित उम्मीदवार बता रहे हैं लेकिन ऐसे छूभईया नेता पार्षद भी शायद ही बन सकें। जो वास्तविक रूप से कृष्ण को टक्कर दे सकते हैं वो अब तक खामोश हैं।

कुछ मालदार लोग भी कांग्रेस की टिकट का ख्वाब देख रहे हैं लेकिन अगर कांग्रेस ने इन्हे टिकट दिया तो कृष्णपाल गुर्जर इस बार 5-6 नहीं अगला चुनाव 8-10 लाख वोटों से जीतेंगे। इसका कारण ये है कि फरीदाबाद के लोग शिक्षित हैं, मालदारों से नकदी, दारू वगैरा ले लेंगे लेकिन उन्हें वोट नहीं देंगे। फरीदाबाद में कांग्रेस अगर अपनी हालत सुधारना चाहती है तो सबसे पहले एक जिला अध्यक्ष खोजे, एक अच्छे उम्मीदवार की तलाश करे। मालदारों को ज्यादा भाव न दे, ख़ास सूत्रों की मानें तो फरीदाबाद की जनता डम्फर भरकर पैसे बाँटने वालों का बाहर से समर्थन कर सकती है अंदर से नहीं। शहर में हाल में तंवर की साइकिल यात्रा के दौरान एक नेता की होर्डिंग लगी है जिसके बारे में बड़ी अफवाहें चल रहीं हैं वैसे सूत्रों की माने तो ये नेता शायद ही किसी वार्ड का पार्षद बन सके लेकिन, बड़े सपने देखने का हर किसी को हक़ है।

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