इन 2 महिलाओं ने मिलकर सेना पर FIR दर्ज करवाया, अब शहीद जवानों के शवों पर बहाने लगीं घड़ियाली आंसूं

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नई दिल्ली/ श्रीनगर: बात की जाती है एक सर के बदले 10 सर लाने की, बात की जाती है एक के बदले 10 को मारने की, एक बार आप पाकिस्तान के घुसकर कुछ पाकिस्तानियों को मार देते हैं तो उसे सर्जिकल स्ट्राइक कह उसका चुनावों में फायदा उठाते हैं और वो भारत में घुसकर हर रोज सेना के जवानों और निर्दोष लोगों को मार रहे हैं इसका मतलब पाकिस्तान का सर आपसे कई गुना ऊँचा होता होगा क्यू कि वो तो हर रोज सर्जिकल स्ट्राइक कर रहा है। देश की रक्षा मंत्री देश के जवानों पर ही एफआईआर ठोंकवा देती हैं। अच्छी बात नहीं है। जम्मू-कश्मीर में दो आतंकी हमले के बाद आज रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमण जम्मू-कश्मीर पहुंचीं। अभी कुछ देर पहले उन्होंने एक प्रेस वार्ता की और कहा कि कि इस हमले के पीछे पाकिस्तान का हाथ है जिसका जवाब भारत जल्द देगा। उन्होंने बताया कि मारे गए आंतकी जैश-ए-मोहम्मद के थे] इस ​हमले का मास्टरमाइंड मसूद अजहर है। रक्षा मंत्री ने कहा कि सभी आतंकी सेना की वर्दी में थे। आतंकियों के हैंडलर्स पाकिस्तान में बैठे हैं।

सीतारमण ने कहा कि इस हमले की जांच एनआईए करेगी। इस दौरान रक्षा मंत्री ने आतंकियों को स्थानीय मदद मिलने की भी आशंका जताई। बता दें कि जैश-ए-मोहम्मद के भारी हथियारों से लैस आतंकियों ने जम्मू कश्मीर लाइट इंफैंट्री की 36 ब्रिगेड के शिविर पर हमला कर दिया था। सेना ने जवाबी कार्रवाई में 4 आतंकवादी मार गिराए। सैन्य शिविर में सेना का अभियान अभी भी जारी है। इसके पहले इन्ही मैडम ने जम्मू-कश्मीर की सीएम मैडम के कहने पर सेना के जवानों पर एफआईआर दर्ज करवा दिया था। उस मामले में आज सुप्रीम कोर्ट ने जम्मू-कश्मीर के शोपियां फायरिंग मामले में गढ़वाल राइफल्स के मेजर आदित्य को बड़ी राहत दी है। कोर्ट ने अगली सुनवाई तक मेजर के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराए जाने पर रोक लगा दी है। इसके साथ ​ही कोर्ट ने केंद्र और जम्मू-कश्मीर सरकारों को नोटिस जारी कर दो हफ्ते में जवाब मांगा है।

मेजर के पिता लेफ्टिनेंट कर्नल करमवीर सिंह ने शोपियां में फायरिंग के मामले में एफआईआर को चुनौती देते हुए सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की थी जिसके बाद पीठ ने यह आदेश जारी किया। बता दें कि 27 जनवरी को शोपियां के गनोवपोरा गांव में पथराव कर रही भीड़ पर सैन्यकर्मियों द्वारा फायरिंग करने से 2 आम नागरिकों की मौत हो गई, जिसके बाद मुख्यमंत्री ने घटना की जांच के आदेश दिए। मेजर आदित्य कुमार सहित गढ़वाल रायफल्स के 10 कर्मियों के खिलाफ रणबीर दंड संहिता की धारा 302 (हत्या) और 307 (हत्या की कोशिश) के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई थी।

मेजर के पिता ने अपनी याचिका में कहा कि 10 गढ़वाल राइफल्स में तैनात उनके बेटे मेजर आदित्य कुमार का नाम गलत और मनमाने ढंग से एफआईआर में दर्ज किया गया। सेना ने भी अपनी यूनिट के खिलाफ FIR को गलत बताया है। अधिवक्ता ऐश्वर्या भाटी के जरिये दायर अपील में कहा गया कि मेजर का मकसद सैन्य अफसरों की रक्षा करना था। बेकाबू भीड़ को वहां से हटने की अपील की गई थी लेकिन जब हालात नियंत्रण से बाहर हो गए तब सेना को फायरिंग करनी पड़ी। इन दोनों मोहतरमाओं को मालुम हो कि जम्मू कश्मीर में सेना देश की रक्षा के लिए तैनात है और जब उनकी जान को खतरा होता है वो तभी गोली चलाते हैं। वहां वो अपनी निजी रंजिश के लिए नहीं तैनात हैं और जब वो अपनी जान बचाने के लिए पत्थरबाजों या आतंकियों पर गोली चला देते हैं तो आप दोनों मैडम मिल उनके ऊपर एफआईआर दर्ज करवा देती हैं। आप दोनों को सोशल मीडिया उस दिन से लताड़ रही है जिस दिन मेजर आदित्य पर एफआईआर दर्ज हुई थी ,आप महिला हैं इसलिए आने वाले कमेंट्स जग जाहिर नहीं कर सकता। ऐसा आगे से न करें तो बेहतर होगा, पीएम की भविष्य की राजनीति के लिए।

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