मुश्किल में यदुरप्पा, सुप्रीम कोर्ट ने कहा क्यू न कल ही करा दें बहुमत टेस्ट

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नई दिल्ली: कर्नाटक चुनाव परिणामों के बात किसी भी पार्टी को बहुमत नहीं मिली और इसी दौरान भाजपा ने फ़टाफ़ट अपनी सरकार बना ली जिसे लेकर घमासान छिड़ा है और इस मुद्दे पर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई चल रही है। राज्यपाल ने यदुरप्पा को बहुमत साबित करने के लिए 15 दिन दिए हैं लेकिन आज सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि क्यों न कल ही करा दें बहुमत टेस्ट,
येदियुरप्पा सरकार की ओर से मुकुल रोहतगी ने कोर्ट को राज्यपाल वजुभाई वाला के समक्ष विधायकों के समर्थन वाली चिट्ठी सौंपी है। रोहतगी ने कहा कि कर्नाटक में भाजपा सबसे बड़ी पार्टी बनकर सामने आई है। न्यायमूर्ति ए.के. सिकरी की अध्यक्षता वाली तीन सदस्यीय विशेष पीठ याचिका पर सुनवाई कर रही है। बेंच में न्यायमूर्ति ए.के. सीकरी , न्यायमूर्ति एस.के. बोबडे और न्यायमूर्ति अशोक भूषण शामिल हैं।

जस्टिस सीकरी ने पूछा कि किस आधार पर राज्यपाल ने येदियुरप्पा को सरकार बनाने का न्यौता दिया क्योंकि भाजपा ने तो सिर्फ बहुमत होने की बात कही थी। वहीं उन्होंने कांग्रेस और जेडीएस से पूछा कि क्या उन्होंने राज्यपाल को बहुमत की चिट्ठी सौंपी थी। वहीं कांग्रेस ने राष्ट्रपति से मिलने की समय मांगा है।

बता दें कि कांग्रेस और जेडी-एस ने कोर्ट से मांग की थी कि येदियुरप्पा के सीएम पद की शपथ ग्रहण पर रोक लगाई जाए। इस पर बेंच ने शपथग्रहण पर रोक लगाने से इंकार कर दिया था। भाजपा के पास 104 विधायक हैं जबकि कांग्रेस और जेडी-एस गठबंधन 117 विधायकों के समर्थन से बहुमत होने का दावा कर रहा है।

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