पाकिस्तान के साथ-साथ आतंकियों के फूफा “चीन” को भी सबक़ सिखाना जरूरी: विश्वाश

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नई दिल्ली: देश में अब चीन के खिलाफ लोगों का आक्रोश बढ़ रहा है। ऐसा बार बार देखा गया जब लोग चीन के उत्पादों का बायकाट करने की भारत करते हैं लेकिन कुछ दिन बाद लोगों का क्रोध गायब हो जाता है। जैश ए मोहम्मद का सरगना और पुलवामा में 40 जवानों की शहादत का जिम्मेदार मसूद अजहर एक बार फिर शिकंजे में आने से बच गया। संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में उसे ग्लोबल आतंकी घोषित करने की तैयारी थी। लेकिन ऐन मौके पर चीन ने इस प्रस्ताव पर वीटो कर दिया। ताजा जानकारी के मुताबिक चीन के इस रुख पर अमेरिका उसे कड़ी चेतावनी दी है लेकिन हो सकता है ये चेतावनी छणिक हो और बाद में सब ठीक हो जाए। भारत की बात करें तो सोशल मीडिया पर बायकाट चीन फिर ट्रेंड हो रहा है। लोग चीन के खिलाफ तरह तरह की बातें कर रहे हैं। कहा जा रहा है कि चीन के हांथों पर अब पुलवामा हमले के ख़ून के निशान हैं। मसूद अज़हर को एक बार फिर बचा लिया। आतंकी-चीनी भाई भाई।

कवि कुमार विश्वाश ने लिखा है कि समय आ गया है कि देश की सरकार,जनता और उद्योग समूहों को पाकिस्तान के साथ-साथ आतंकियों के इस फूफा “चीन” को भी सबक़ सिखाना होगा. देश को एक सुदीर्घ कार्यनीति योजनापूर्वक लागू करनी होगी ताकि एक तरफ़ तो देश के छोटे-मंझोले उद्योग आत्मनिर्भर हो सके और दूसरी और इस ड्रैगन को औक़ात पता चले,

सोशल मीडिया पर चल रहे अभियान में लोग चीन के एप टिक टाक को डिलीट करने की मुहिम चला रहे हैं। अन्य उत्पादों के बायकाट करने की बात कर रहे हैं।

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