जेलों के भीतर बनाई जाएगी गऊशालाएं, गोबर से बनाई जाएगी लकड़ियां व गमले

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अनूप कुमार सैनी: रोहतक, 9 जनवरी। भाजपा की राज्य सरकार ने जेलों के अन्दर गऊशालाएं स्थापित करने का निर्णय लिया है। हरियाणा गौ सेवा आयोग के चेयरमैन भानीराम मंगला सर्किट हाऊस में पत्रकारों से बातचीत कर रहे थे।
उन्होंने कहा कि पिछले दिनों करनाल जेल में मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने गऊशाला का शिलान्यास किया है। निर्माण का कार्य प्रगति पर चल रहा है और चार माह में यह गऊशाला बनकर तैयार हो जाएगी। इस गऊशाला में 200 दूध देने वाली और 400 बगैर दूध वाली गायों को रखा जायेगा। जेल में 55 हजार रुपये की कीमत का एक हजार लीटर दूध आता है। गऊशाला बनने के बाद इस पैसे की बचत होगी।

हरियाणा गौ सेवा आयोग के चेयरमैन ने कहा कि जेलों में बायोगैस प्लांट भी लगाए जाएंगे। इन प्लांट के लगने से गैस सिलेंडरों की बचत होगी। उन्होंने कहा कि गऊशाला बनने से कैदी गाय की सेवा करेंगे और मुख्य धारा में आ जाएंगे। जेल के भीतर ही आर्गानिक खेती करने की योजना पर भी तेजी से कार्य चल रहा है। करनाल समेत छह जिलों में जेलों के अन्दर गऊशाला बनाई जाएगी।
गऊशालाओं को स्वावलम्बी बनाने का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि गऊशाला में गाय के गोबर के डंडे बनाने की मशीन भी दी जाएगी। इस मशीन पर 90 प्रतिशत का अनुदान होगा। इसी प्रकार गौ मूत्र से फिनाइल व अर्क जैसे उत्पाद भी तैयार किए जाएंगे।
उन्होंने कहा कि गोबर से डंडे बनाने के अलावा गमले भी बनाए जाएंगे, जिन्हें वन विभाग को दिया जाएगा ताकि छोटे पौधों में पोलिथिन का प्रयोग बंद किया जा सकें। जो व्यक्ति गऊशाला के लिए जमीन गिफ्ट देगा, उस पर राज्य सरकार ने स्टैंप डयूटी नहीं लगाने का निर्णय लिया है।
मंगला ने कहा कि आयोग की एक अन्य योजना के अनुसार ग्रामीण क्षेत्रों में गौसेवा केंद्र खोले जा रहे हैं, अब तक 60 गौ सेवा केंद्र खुल चुके है। उन्होंने बताया कि गौ सेवा केंद्र खोलने के लिए आयोग द्वारा पांच लाख रुपये की एक मुश्त राशि प्रदान की जाती है। मुख्यमंत्री का निर्देश है कि कोई भी गाय भूूखी, प्यासी व बेसहारा न रहे।
उनका कहना था कि बेसहारा गौवंश को सहारा देने के लिए आयोग द्वारा कई योजनाएं चलाई गई हैं। योजना के तहत पानीपत के गांव नैन तथा हिसार के गांव ढंढूर में 50-50 एकड़ मेें गौ-अभ्यारण्य बनाए जा रहे हैं। इन अभ्यारण्यों में पांच-पांच हजार गौवंश का पालन पोषण किया जाएगा।
एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि जल्द ही हरियाणा को बेसहारा गौवंश से मुक्त कर दिया जाएगा।उन्होंने सिरसा से गऊशालाओं से अनुदान राशि देने के अभियान की शुरूआत की थी। रोहतक 19वां जिला है, जिससे अनुदान दिया गया है। पहले साल में एक बार अनुदान दिया जाता था लेकिन अब वर्ष में दो बार अनुदान देने का प्रावधान किया गया है।
उन्होंने बताया कि हरियाणा गौ सेवा आयोग द्वारा राज्य की गौशालाओं को एक अप्रैल 2018 से लेकर 20 दिसम्बर 2018 तक 22 करोड़ 97 लाख 71 हजार 366 रुपये की राशि अनुदान के रूप में दी जा चुकी है।आज रोहतक जिला की सभी गौशालाओं को गाय के चारे के लिए साढ़े 27 लाख रुपये की अनुदान राशि जारी की गई है।
प्रैस वार्ता में आयोग के सदस्य एवं रोहतक व झज्जर के प्रभारी राजेश धनखड़ कुकु व पहरावर गौशाला के प्रधान नरेश शर्मा भी उपस्थित थे।

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