बल्लबगढ़ के हजारों लोगों का जीना हराम, वकील पाराशर ने लिखा मानवाधिकार आयोग को खत

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फरीदाबाद: बल्लबगढ़ के सेक्टर दो में चल रहीं तमाम अवैध फैक्ट्रियों के खिलाफ बार एसोशिएशन के पूर्व प्रधान व् न्यायिक सुधार संघर्ष समिति के अध्यक्ष एल एन पाराशर ने राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग से शिकायत की है। वकील पाराशर ने कहा कि लगभग एक महीने पहले स्थानीय लोगों की परेशानी देखते हुए मैंने सीएम से इसकी शिकायत की थी लेकिन हरियाणा सरकार ने कोई ऐक्शन नहीं लिया जिस कारण मैं अब इस मामले की शिकायत मानवाधिकार आयोग से कर रहा हूँ। वकील पाराशर ने कहा कि इन फैक्ट्रियों के प्रदूषण से आस पास रहने वालों कई हजार लोगों की जिंदगी नरक हो गई है। लोग अपने मकान सस्ते में बेंच बाहर जाने लगे हैं क्यू कि इन फैक्ट्रियों में हमेशा कहीं प्लास्टिक गलाई जा रही है तो कहीं केबल जलाया जाए रहा है जिसकी बदबू और धुंए से लोग परेशान हैं। वकील [पाराशर ने बताया कि स्थानीय लोग कैंसर जैसी बड़ी बीमारी का शिकार हो रहे हैं और सिर दर्द यहाँ के लोगों के लिए आम बीमारी हो गई है और कई ऐसे परिवार हैं जिन्हे कोई न कोई दवा खाये बिना नींद नहीं आती।

वकील पाराशर ने बताया कि कई फैक्ट्रियों के सरेआम प्लास्टिक के सामान जलाये जाते हैं उन्होंने कहा कि इन फैक्ट्रियों का धुंआ पूरे फरीदाबाद को प्रदूषित कर रहा है। उन्होंने बताया कि स्थानीय लोगों ने उन्हें बताया कि सेक्टर दो से सटी रघुवीर कालोनी में ये फैक्ट्रियां चल रहीं हैं जहाँ कई लोगों ने शेड बना किराए पर दे दिया है और मोटा किराया वसूल रहे हैं। वकील पाराशर ने बताया कि बस्ती के बीचोंबीच चल रहे ये छोटे उद्योग वाले प्रदूषण विभाग की मिलीभगत से बड़ा खेल खेल रहे हैं और कई हजार लोगों का इन्होने जीना हराम कर रखा है।

वकील पराशर ने कहा कि मैंने सीएम ही नहीं फरीदाबाद के जिला अधिकारी, प्रदूषण विभाग के अधिकारी, एसडीएम से कई बार इसकी शिकायत की लेकिन कोई कारवाही नहीं की गई। पाराशर ने बताया कि स्थानीय लोगों ने उन्हें बताया कि शिकायत के बाद जो अधिकारी यहाँ आते हैं वो यहाँ से मंथली वसूली शुरू कर देते हैं। उन्होंने कहा कि यहाँ के लोग कैंसर जैसी बीमारी से परेशान हैं। सुबह सोकर उठते ही फैक्ट्रियों के धुंए की राख उनके छत पर बिछी दिखती है। उन्होंने बताया कि लोग मंहगे रेट पर यहाँ जमीन लेकर मकान बनाये हैं लेकिन यहाँ रहना दूभर हो गया है।
वकील पाराशर ने कहा कि अब मैं राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग के पास पत्र लिख रहा हूँ और मांग करूंगा कि अवैध रूप से चल रही इन इकाइयों को यहाँ से कहीं और ले जाने का आदेश दिया जाये और हजारों लोगों की जान बचाई जाए।

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