फरीदाबाद में गुंडागर्दी का एनकाउंटर करने में जुटी पुलिस, 2 दशकों में पहली बार ऐसा कारनामा

0
540

फरीदाबाद: शहर में लगभग दो दशक पहले बहुत कुछ ठीक ठाक था लेकिन इन दो दशकों में शहर की शांति बिगड़ी है और छोटी से लेकर बड़ी बड़ी बारदातें होने लगीं। एक समय था जब पूरे देश के हर कोने से लोग फरीदाबाद आकर नौकरी वगैरा करते थे और यहीं बसना भी चाहते थे लेकिन अब यहाँ से जाने वाले लोग ज्यादा हैं यहाँ आने वाले कम हैं और पिछले दो दशकों में उद्योग नगरी में बहुत बड़ा बदलाव आ गया। गुंडागर्दी चरम पर, बात बात में छूरी कट्टे चलने लगे और बाहरी लोगों को भी परेशान किया जाने लगा साथ में दो दशकों में उद्योग आने के बजाय यहाँ से जाने लगे। इन दो दशकों में शहर की हालत में ऐतिहासिक बदलाव आया। एक अंतर्राष्ट्री स्तर की झील का पाने बेंच कुछ लोगों ने हेलीकाफ्टर खरीद लिया। एक अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम की अनदेखी कर अपना महल बना लिया।

खास सूत्रों के माने तो फरीदाबाद पुलिस इन दिनों कुछ ऐसा काम कर रही है जो बिलकुल हटकर है और पुलिस की चली तो शहर के गुंडों की अब खैर नहीं। एक दिन पहले फरीदाबाद के मानव रचना यूनिवर्सिटी  में पढ़ने वाले दो पक्षों के बीच झगड़ा हुआ जिसमें तलवार पिस्तौल इत्यादि चली जिस पर थाना सूरजकुंड में मुकदमा न0 118 धारा 148।149।323।325।379 B ।120 B 506 IPC थाना ओल्ड फरीदाबाद दर्ज रजिस्टर हुआ था।इस मामले के बाद शहर में गुंडागर्दी की अफवाह जोरों पर फ़ैली। पुलिस कमिश्नर अमिताभ सिंह ढिल्लों ने इस मामले की जांच क्राइम ब्रांच सेक्टर 30 को सौंपी  जिस पर तुरंत संज्ञान लेते हुए सीआईए 30 प्रभारी इंस्पेक्टर संदीप मोर की टीम ने तुरंत आरोपियों को  दबोचना शुरू कर दिया इस कड़ी में अभी तक दो मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है।

इंस्पेक्टर मोर ने बताया कि अंकित पुत्र रविंदर निवासी गांव अनखीर थाना सूरजकुंड और .गजेंद्र पुत्र जगबीर निवासी मकान न0 96 सैक्टर 21 D को दबोचा गया है। जिनको आज पेश अदालत कर माननीय अदालत से पुलिस रिमांड पर लिया गया है। उन्होंने बताया कि इस बारदात  में प्रयोग किये गए हथियार पुलिस रिमांड के दौरान रिकवर किये जायेंगे। खास सूत्रों के मने तो फरीदाबाद में अब गुंडों की खैर नहीं। पुलिस कमिश्नर अमिताभ सिंह ढिल्लों ने आते हे कुछ ऐसे संकेत दिए थे और पिछले महीने एक एनकाउंटर और एक ने पुलिस की बुलेट प्रूफ जैकेट देखा और उसके दिल ने काम करना बंद कर दिया और हरिया का नाम हमेशा के लिए राम राम सत्य हो गया। फरीदाबाद पुलिस के कई अन्य अधिकारीयों ने भी ऐसे संकेत दिए है कि शहर में अब गुंडागर्दी बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

LEAVE A REPLY