अन्ना आंदोलन का फ़ायदा उठा दिल्ली के सीएम बने केजरीवाल की राजनीति के अंतिम दिन करीब

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नई दिल्ली: वोट के चक्कर के अगर नेता जाति धर्म का बीज न बोयें तो देश में सभी धर्मों के लोग आपस में मिलजुलकर रहें और रहते भी हैं लेकिन ये नेता जाति धर्म तो दूर की बात है भाई को भाई से लड़ा देते हैं, पति को पत्नी से लड़ा देते हैं। ऐसा किसी एक पार्टी के नहीं देश की तमाम बड़ी पार्टियों के नेता करते हैं। कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी जब से हिंदुत्व की राह पर चलने लगे तबसे कई पार्टियों के नेताओं की वो आँख की किरकिरी बनने लगे। दिल्ली के मुख्यमंत्री ने राहुल गांधी से ज्यादा खुद को हिन्दुओं का असली नेता बताने का प्रयास किया और हाल में उत्तर प्रदेश के विवेक हत्याकांड के बाद उन्होंने फटाफट कई ट्वीट कर डाले ताकि देश देख सके कि नरेंद्र मोदी, राहुल गांधी से ज्यादा हिन्दुओं के शुभ चिंतक अरविन्द केजरीवाल हैं।

सूत्रों की माने तो केजरीवाल सोंचते हैं कि मैं राहुल गांधी से बड़ा नेता हूँ इसलिए मैं राहुल से आगे निकल सकता हूँ लेकिन केजरीवाल को नहीं पता कि राहुल गांधी ने देश के लिए अपना पिता, अपनी दादी खोई है और केजरीवाल के बारे में देश जानता है कि अन्ना के अनशन का फायदा उठाकर उन्हें दिल्ली की सत्ता मिली वरना वो उसके पहले किसी वार्ड का पार्षद भी नहीं बने थे। एक पुरानी कहावत है कि लालच बुरी बलाय और केजरीवाल शायद अब मोदी का विकल्प बनने का प्रयास कर रहे हैं और राहुल गांधी को पीछे छोड़ना चाहते हैं। कुछ माह पहले सर्वे हुआ जिसमे बताया गया कि केजरीवाल अगली बार भी दिल्ली के सीएम बन सकते हैं। इस सर्वे के बाद केजरीवाल ने शायद सोंच लिया कि मैं बहुत अच्छा नेता हूँ और उन्होंने फिर वही शुरू कर दिया जो दिल्ली नगर निगम चुनावों से पहले करते थे। मोदी का विरोध, दिल्ली नगर निगम चुनावों में उन्हें मुँह की खानी पडी और अब उनसे दिल्ली भी दूर होने लगी है। उनके पूर्व मंत्री उन्हें पागल करार कर चुके हैं और हरियाणा अब तक का भी कहना है कि केजरीवाल आगे भी देश के लोगों को आपस में बांटने का काम करते रहेंगे और लोगों को जाति धर्म के नाम पर आपस में लड़ाते रहेंगे तो दिल्ली की कुर्सी भी चली जाएगी। शनिवार को पुलिस कॉन्‍स्‍टेबल की गोली से ऐपल के एरिया सेल्स मैनेजर विवेक तिवारी की मौत पर देश भर में सवाल उठ रहे हैं। घटना पर किए गए ट्वीट की वजह से दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल की भी आलोचना हो रही है। वहीं दिल्ली बीजेपी के नेता अश्विनी उपाध्याय ने उनके खिलाफ शिकायत दर्ज करा दी है।

शिकायतकर्ता सुप्रीम कोर्ट में वकील भी हैं। उन्होंने केजरीवाल पर धर्म के आधार पर शत्रुता को बढ़ावा देने और सांप्रदायिक सद्भाव को बिगाड़ने का आरोप लगाते हुए केस दर्ज करने की मांग की है। उन्होंने तिलक मार्ग पुलिस थाने में मुख्यमंत्री के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई। एक सीनियर पुलिस ऑफिसर ने कहा, ‘हम कानूनी सलाह ले रहे हैं कि क्या इस शिकायत पर केस बन सकता है।’ इस ट्वीट पर 99 फीसदी लोग केजरीवाल को लताड़ रहे हैं पढ़ें

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