कई राज्यों में हार से दुखी अमित शाह ने किया खट्टर के गीता महोत्सव से किनारा?

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Amit Shah Not Happy With Haryana Govt

चंडीगढ़: हरियाणा की भाजपा सरकार पर हाल में तीन राज्यों में हार का खास असर नहीं पड़ा है और पड़े क्यू मुफ्त में जो सत्ता मिल गई है कई बड़े नेताओं सहित सीएम को, जो सब मोदी लहर में क्या से क्या बन गए।  इन चुनावों में हार से फर्क उन्हें पड़ा है जिन्हे मोदी कहते हैं और मोदी के करीबी अमित शाह जो भाजपा अध्यक्ष हैं और उन पर विपक्ष जमकर तंज कस रहा है। खट्टर तो शायद इन राज्यों में ज्यादा प्रचार वगैरा करने ही नहीं पहुंचे या मुहे इस लायक समझा ही नहीं गया। यही सब कारण है जो गीता महोत्सव में हरियाणा सरकार खुश है लेकिन यहाँ भाजपा अध्यक्ष अमित शाह को भी पहुंचना था। बड़े बड़े होर्डिंग्स कई दिनों से लगाए गए थे लेकिन वो यहाँ नहीं पहुंचे। कांग्रेस को फिर बोलने का मौका मिल गया है। पवन गर्ग, महामंत्री, हरियाणा प्रदेष कांग्रेस कमेटी ने बताया कि – कुरुक्षेत्र में अन्तर्राष्ट्रीय गीता जयंती महोत्सव चल रहा है। इस महोत्सव का अपने आप में एक अलग ही महत्त्व है। इस महोत्सव को देखने के लिए न केवल भारतवर्ष के विभिन्न राज्यों से अपितू अन्य देशों से भी लोग आते है।

पवन गर्ग ने कहा कि  आज गीता जयंती के इस पावन समारोह में भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री अमित शाह को पहुँचना था लेकिन तीन राज्यों में मिली पराजय को देखते हुए वे इस महोत्सव में नहीं आए। इस महोत्सव में न आकर उन्होंने इस महोत्सव का अपमान किया है। उनके आगमन को लेकर हरियाणा सरकार ने लाखों रुपये खर्च कर दिए। गीता जयंती को महोत्सव न समझकर श्री अमित शाह ने इसे मेला समझ लिया, इससे गीता के प्रति श्रद्धाभाव रखने वाले श्रद्धालओं को ठेस पहुँची है। प्राईवेट स्तर पर लोग इस गीता जयंती के अवसर पर गीता की महिमा को बढ़ाने के लिए हर संभव प्रयास कर रहे है लेकिन सरकार की तरफ से ऐसा कुछ भी होता प्रतीत नहीं हो रहा, इससे सरकार की नकारात्मक सोच का परिचय मिलता है।
हर वर्ष की भांति इस वर्ष भी करोड़ों रुपये की अनुदान राशि गीता महोत्सव के लिए मिली परंतु इस राषि का कहीं भी कोई सदुपयोग नजर नहीं आ रहा । दूर दराज देश एवं प्रदेश से घूमने आए लोगों में मायूसी दिखाई दे रही है। क्या इस अनुदान राशि को सरकार अपनी जेबें भरने के लिए सुरक्षित रख रही है? ब्रहृमसरोवर का तट टूटा -फूटा दिखाई दे रहा है। जयंती आरंभ हो चुकी है लेकिन केडीबी की तैयारियां नाकाफी है। ब्रहमसरोवर जगह जगह से मरम्मत की बाट देख रहा है।

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