इनेलो किसी के बाप की नहीं केवल?

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रोहतक। इनैलो के प्रदेशाध्यक्ष अशोक अरोड़ा द्वारा दुष्यंत और दिग्विजय चौटाला के बाद पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव अजय सिंह चौटाला को भले ही निष्कासित कर दिया गया हो लेकिन अजय सिंह चौटाला के रोहतक स्थित आईएनएलडी के जिला कार्यालय में पहुंचने पर इनैलो के कार्यकर्त्ताओं द्वारा जिस जोश और उत्साह के साथ भव्य स्वागत किया, उससे अभय चौटाला गुट को भारी धक्का लगा है और भविष्य में उनकी परेशानी बढ़ने वाली है।

 अजय चौटाला पार्टी कार्यालय में 2 घण्टे देरी से पहुंचे। इस दौरान कार्यकर्त्ताओं का हजूर उमड़ पड़ा। कार्यकर्त्ता बाहर सड़क पर खड़े होकर चौ. देवीलाल अमर रहे और अजय चौटाला, दुष्यंत व दिग्विजय चौटाला जिन्दाबाद के नारे लगा कर आकाश को गुंजायमान कर रहे थे। सिर्फ यही नहीं, अजय चौटाला को कार्यकर्त्ताओं को शांत करने के लिए काफी मशक्कत करनी पड़ी।
    अजय चौटाला ने यहां पार्टी कार्यकर्त्ताओं को 17 नवम्बर को जींद में पहुंचने के लिए निमंत्रण देने आए थे। अजय सिंह चौटाला ने आईएनएलडी सुप्रीमो ओम प्रकाश चौटाला द्वारा जारी निष्कासित लेटर को फर्जी करार दिया। उनका कहना था कि उन्हें सोशल मीडिया से पता चला है कि आज पार्टी के कुछ नेता ओमप्रकाश चौटाला से मिलने जेल गए तो इन नेताओं ने जब उनके निष्कासन के बारे बताया तो उनके पिता ने उन्हें धमकाया कि अजय को क्यों निष्कासित किया गया है।
    उनका कहना था कि 40 साल से मैंने पार्टी को खून पसीने से सींचने का काम किया। यहांं तक कार्यकर्त्ताओं ने पार्टी के लिए अपने बच्चों के मुंह का निवाला दिया। मुझ पर आरोप लगा कर 10 वर्ष के लिए जेल भेज दिया गया, जबकि उनका नाम तो एफआईआर में नहीं था। उन्हें षड्यंत्र के तहत यह सजा भुगतनी पड़ रही है। मैंने आप के साथ जो संघर्ष लड़ाई लड़ी।
 उन्होंने यह कहा कि पार्टी किसी बाप के नहीं और ना ही मेरी है बल्कि यह कार्यकर्त्ताओं की पार्टी है, ना किसी और की। यह कहा जाता है कि कांग्रेस के लोग आ कर पार्टी को तोड़ रहे हैं, जो लोग कांग्रेसी कह कर कार्यकर्त्ताओं को अपमानित कर रहे हैं। पार्टी से निष्कासन पर उन्होंने कहा कि मेरा क्या कसूर है। मैंने कभी भी पार्टी के खिलाफ काम नहीं किया, फिर मुझ पर कार्यवाही क्यों।
    अजय चौटाला ने कहा कि मैं जनभावना के अनरूप फैसला करूंगा, हरियाणा भर में घूम कर देखूंगा। उन्होंने आरोप लगाया है कि उन्हें व उनके समर्थक कार्यकर्त्ताओं को एक बार नहीं बल्कि कई बार मंचों से अपमानित किया गया, उनसे मैं माफी मांगता हूं लेकिन अब ऐसा नहीं होगा।
उन्होंने अभय चौटाला का नाम लिए बगैर कहा कि हमने तो सम्मान मांगा है, पांडवों ने तो 5 गांव मांगे थे, तब दुर्योधन ने कहा था कि सुई की नोक के बराबर जगह भी नहीं देंगे। तब पांडवों ने कहा था कि जा दुर्योधन जीवन होगा या मरण होगा। तू धराशायी होगा और इस हिंसा का तू उत्तरदायी होगा।
 अजय ने अभय को इशारों ही इशारों में महाभारत का दुर्योधन बताया और कहा कि याचना नहीं अब रण होगा। उन्होंने फिर ओमप्रकाश चौटाला का जिक्र करते हुए कहा कि अब हम भी अपना हक छीन कर लेंगे। हम ऐसे हालात पैदा कर देंगे कि चौटाला खुद कहेंगे कि हरियाणा आपका है।
उन्होंने कार्यकर्त्ताओं से आह्वान किया कि हालात ऐसे पैदा कर दो कि ओम प्रकाश चौटाला कह दे कि पार्टी आपकी है।

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