भाजपा के फेंके जाल में फंसे विपक्षी, DUSU चुनावों में ABVP की बड़ी जीत, EVM पकड़ बैठे विपक्षी नेता

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नई दिल्ली: भाजपा द्वारा फेंके गए जाल में कई विपक्षी पार्टियां फंस गईं है जिसका फायदा भाजपा या उसके संगठनों को होने लगा है। अमित शाह ने एक ऐसी चाल चली है जिससे कांग्रेस या अन्य विपक्षी पार्टियों के पास ईवीएम को कोसने के अलांवा कोई चारा नहीं बचा दिख रहा है। वर्तमान समय में विपक्ष राफेल डील-डील चिल्ला रहा है, जनता की मूलभूल समस्याओं को भूल चुका है है और लोकल विपक्षी नेता भी राफेल से कम की बात नहीं करते दिखते जैसे की देश में और कोई समस्या है ही नहीं। विपक्ष को राफेल लड़ाकू प्लेन में बैठा भाजपा अपनी ताकत मजबूत कर रही है जिसका फोकस 2019 है। कल दिल्ली विश्वविद्यालय के चुनाव हुए यहाँ भी भाजपा के संगठन की बड़ी जीत हुई। अन्य विपक्षी पार्टियों के छात्र संगठन राफेल के लड़ाकू विमान में बैठे थे और भाजपा के अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद् ने यहाँ मोर्चा मार लिया।

आपको बता दें कि दिल्ली यूनिवर्सिटी छात्र संघ के चुनाव में ABVP ने आप की छात्र संघ ईकाई CYSS और NSUI को बड़ा झटका देते हुए तीन सीटों पर जीत दर्ज की है। ABVP की ओर से अंकिव बसोया (अध्यक्ष), शक्ति सिंह (उपाध्यक्ष), ज्योति चौधरी (संयुक्त सचिव) ने जीत दर्ज की, जबकि कांग्रेस समर्थित छात्र विंग NSUI के आकाश चौधरी ने सचिव पद पर जीत हासिल की। ABVP की अंकिव बसोया ने 1744 मतों के अंतर से अध्यक्ष पद पर जीत हासिल की है। वहीं शक्ति सिंह ने 7673 मतों के अंतर से जीत हासिल की है।

राफेल नामक लड़ाकू जहाज में बैठे विपक्ष के छोटे बड़े नेता अब ईवीएम को कोस रहे हैं। कई ऐसे लोग भी ईवीएम को कोसते दिख रहे हैं जो हाल में गिरफ्तार नक्सलियों के साथ खड़े दिखे थे। देश ऐसे लोगों को शायद ही कभी सत्ता दे जो देश के दुश्मनों के साथ खड़े दिखते हैं, इन सब पर हंसी आती है जब ये ईवीएम को कोसते हैं। ऐसे नेता ये नहीं देखते हैं कि उनके कारनामें कैसे हैं। कोई सेना पर सवाल उठाता है तो कोई सेना पर हमला करने वाले पत्थरबाजों के साथ खड़ा दीखता है। कोई नक्सलियों का समर्थन करता है और ऐसे लोग देश की जनता से वोट की उम्मीद भी करते रहते हैं जो शायद ही मुमकिन हो। हार के बाद हार का ठीकरा ईवीएम पर फोड़ते रहते हैं। जबकि कारनामे ऐसे करते हैं कि इन्हे इनकी गली के वोट भी शायद ही मिलें।

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