अगर मैं गुंडा था तो इन 32 सालों में मेरी भाभी नैना चौटाला ने विरोध क्यों नहीं किया-अभय चौटाला

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अनूप कुमार सैनी: चण्डीगढ़, अभय सिंह चौटाला ने इनेलो राष्‍ट्रीय कार्यकारिणी व प्रदेश कार्यकारिणी की बैठक चंडीगढ़ के हरियाणा पंचायत भवन में बैठक की। इस बैठक में अभय चौटाला सहित 13 विधायक मौजूद थे। बैठक में इनेलो के प्रदेश प्रधान डॉ. अशोक अरोड़ा भी मौजूद थे।
अभय चौटाला द्वारा आयोजित बैठक में इनेलो संसदीय मामलों की समिति के 19 सदस्‍य मौजूद रहे। बैठक में 35 पूर्व सांसद और पूर्व विधायक मौजूद थे। बैठक में इनेलो के 18 जिला अध्‍यक्षों के मौजूद होने का दावा‍ किया गया है। बैठक में इनेलो के 80 हलका प्रधान भी मौजूद रहे।
बैठक में अभय सिंह चौटाला के साथ रामपाल माजरा, गोपी सिंह गहलोत, सांसद चरणजीत सिंह रोड़ी, राज्यसभा सदस्य रामकुमार कश्यप, विधायक बलवान दौलतपुरिया, मक्खन सिंगला, रामचंद्र कंबोज, वेद नारंग, पृथ्वी नंबरदार, ओम प्रकाश बैरवा, केहर सिंह रावत, रविंद्र बलियाला, नसीम अहमद, प्रमेंद्र ढुल, जाकिर हुसैन ने की भागीदारी की।
आखिरकार इनेलो में चल रही ‘महाभारत’ का खात्मा हो ही गया। राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक में फैसला हुआ है कि पार्टी पर अभय चौटाला काबिज रहेंगे। उन्हीं के नेतृत्व में पार्टी लोकसभा चुनाव 2019 लड़ेगी। चंडीगढ़ में शनिवार को आयोजित इनेलो के राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक में सर्वसम्मति से प्रस्ताव पारित किया गया।

बैठक में हरियाणा विधानसभा में विपक्ष के नेता अभय सिंह चौटाला ने कहा कि मुझे किसी तलवार उठाने की जरूरत नहीं है। मेरे भाई अजय सिंह चौटाला की शादी को 32 साल हो गए। कि अगर मैं गुंडा था तो इन 32 सालों में मेरी भाभी नैना चौटाला ने विरोध क्यों नहीं किया। उन्होंने कहा कि मेरा और अजय चौटाला के घर अलग-अलग हैं। मेरे घर में सिर्फ चाय बनती है लंच और डिनर अजय चौटाला के घर से ही बनवाऊंगा। खाना बड़े भाई के घर का बना ही खाऊंगा।
बैठक में कई दिव्यांग कार्यकर्त्ता भी पहुंचे। बैठक में पहुंचे कार्यकर्त्ताओं में जोश दिखा। इस मौके पर ताऊ देवीलाल के ड्राइवर रहे रणधीर ने अभय चौटाला का समर्थन करने का ऐलान किया। रणधीर ने अभय चौटाला को ताऊ देवीलाल जैसा नि:स्वार्थ बताया। अभय चौटाला के बेटे अर्जुन चौटाला भी पहुंचे।

बता दें कि इनेलो सुप्रीमो ओमप्रकाश चौटाला छोटे बेटे अभय सिंह चौटाला को अपना आशीर्वाद दे चुके हैं, वहीं बड़े बेटे अजय चौटाला इसके खिलाफ खुले मैदान में आ गए हैं। अपने बेटों दुष्यंत और दिग्विजय चौटाला के लिए राजनीतिक जमीन तैयार कर रहे अजय कई दिनों से इनेलो से निष्कासन के बाद जनता की अदालत में जाने का एेलान कर रहे थे। दूसरी ओर अभय संगठन को नए सिरे से खड़ा कर पार्टी पर अपनी मजबूत करने की तैयारियों में जुट गए हैं।
दाेनों भाईयों के अलगाव के बाद यह साफ हो गया कि राज्‍य में अब इनेलो के कैडर पर कब्‍जे की होड़ मचेगी। अभय चौटाला के साथ खुद के अलावा 13 विधायक हैं और अजय चौटाला के खेमे में उनकी पत्‍नी नैना चौटाला सहित तीन विधायक हैं। इंडियन नेशनल लोकदल की चंडीगढ़ में हो रही प्रदेश कार्यकारिणी की बैठक में अभय सिंह चौटाला के साथ 13 विधायक शामिल हुए। चार विधायक इस बैठक में नहीं आए। फरीदाबाद एनआइटी के विधायक नगेंद्र भड़ाना भाजपा के साथ हैं। नैना चौटाला के साथ-साथ अनूप धानक और राजदीप फोगाट खुलकर अजय सिंह चौटाला गुट के साथ हो गए हैं।
इनेलो विधायक बोले हमें नहीं किया गया था हाईजैक इनेलो विधायक जाकिर हुसैन ने चंडीगढ़ के जाट भवन में पहुंचकर कहा कि यह जानकारी गलत फैलाई जा रही थी कि उन्हें हाईजैक किया गया है। हमें किसी ने गायब नहीं किया था। हम तो छुट्टी मनाने के लिए गए थे। हमारे ऊपर कोई प्रैशर नहीं है।
अधिवेशन में मौजूद रहे इनेलो के 13 विधायक, एक विधायक के भाई, पीएससी के 19 सदस्य, दो सांसद, 18 जिला प्रधान, 80 हल्का प्रधान, 12 प्रदेश संयोजक और 35 पूर्व विधायक शामिल रहे। बैठक में विधायकों ने विरोधियों को ललकारा और अगले चुनाव में अभय चौटाला के नेतृत्व में ही आगे बढ़ने की सहमति जताई।

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