NDA सरकार के साल पूरे, BJP का ग्राफ गिरा लेकिन 72% लोग चाहते हैं फिर PM बनें मोदी

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Two Youth Booked in UP

नई दिल्ली: केंद्र की मोदी सरकार के चार साल पूरे हो गए हैं और अब एक साल के भीतर लोकसभा चुनाव होंगे जिसकी तैयारियां चल रहीं हैं। विपक्ष एकजुट होकर मोदी सरकार के खिलाफ मैदान में उतर सकता है। चार साल पूरे होने पर कई मीडिया संस्थान अपने अपने सर्वे में भाजपा सरकार के चार वर्षों का लेखा जोखा दिखा रहे हैं। सर्वे में भाजपा को पहले से कमजोर बताया जा रहा है लेकिन अधिकतर सर्वे में दिखाया जा रहा है कि अगली बार भी केंद्र में मोदी सरकार ही बनेगी।
टाइम्स मेगा ऑनलाइन पोल के नतीजों मानें तो नरेंद्र मोदी अभी भी देश के सबसे ज्यादा लोकप्रिय नेता बने हुए हैं। पोल मे शामिल 8,44, 646 लोगों में से दो-तिहाई से ज्यादा लोगों (71.9%) का कहना है कि वे एक बार फिर नरेंद्र मोदी को प्रधानमंत्री बनाने के लिए वोट डालेंगे, वहीं 73.3% लोगों का मानना है कि आज आम चुनाव हुए तो केंद्र में एक बार फिर नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में सरकार बनेगी।
एबीपी न्यूज व सीएडीएस के ताजा सर्वे में भाजपा को पहले से कमजोर दिखाया जा रहा है। सर्वे के नतीजों के अनुसार एनडीए को उत्तर प्रदेश में भारी झटका मिलता दिख रहा है। भाजपा ने 2014 में यूपी में 73 सीटें जीती थी, लेकिन अगर आज चुनाव कराए जाते हैं, तो वह अपना यह प्रदर्शन नहीं दोहरा सकेगी। देश की सभी 543 लोकसभा सीटों की बात करें, तो एनडीए की सरकार अभी बनती नजर आ रही है उसका प्रदर्शन काफी नीचे होगा। वोट शेयर की बात करें तो आज एनडीए को 37फीसदी, यूपीए को 31फीसदी तथा अन्य को 32फीसदी वोट शेयर मिलता नजर आ रहा है। वर्ष 2014 में एनडीए को 36 फीसदी, यूपीए को 25फीसदी और अन्य को 39 फीसदी वोट मिला था। इस हिसाब से एनडीए को एक प्रतिशत अधिक वोट शेयर मिलता नजर आ रहा है लेकिन यूपीए को वर्तमान में छह फीसदी का फायदा दिख रहा है।

इस सर्वे में 15,859 लोगों की राय ली गई। जिसमें 47 फीसदी लोग मानते हैं कि मोदी सरकार 2019 में एक और मौके के लायक नहीं है, जबकि 39 फीसदी लोग मोदी की सरकार को दूसरा मौका मिलने के पक्ष में थे। सर्वे के नतीजों से पता चलता है कि देश में खासकर अल्पसंख्यकों में मोदी सरकार विरोधी भावनाएं काफी ज्यादा है। तीन-चौथाई मुस्लिम और पचास फीसदी से अधिक सिखों ने संकेत दिए हैं कि वे मोदी सरकार को अगले साल सत्ता में नहीं देखना चाहते हैं। यद्यपि 44 फीसदी हिंदू चाहतें हैं कि मोदी फिर से प्रधानमंत्री बने जबकि 42 फीसदी हिंदू मोदी सरकार के खिलाफ हैं।

मोदी सरकार के खिलाफ सबसे ज्यादा गुस्सा दलित और आदिवासी समुदाय के लोगों में दिख रहा है। 55 फीसदी दलित और 43 फीसदी आदिवासी नहीं चाहते हैं कि मोदी को एक बार फिर से साल 2019 में मौका मिले। वर्तमान सरकार को ओबीसी समुदाय में भी काफी विरोध दिख रहा है। सर्वे में 42 फीसदी ओबीसी नहीं चाहते हैं कि मोदी दुबारा सत्ता में आए। जब लोगों से ये पूछा गया कि अगर अभी लोकसभा के चुनाव हुए तो क्या वे बीजेपी को वोट देंगे? 32 फीसदी का जवाब हां था। उल्लेखनीय है कि इसी साल जनवरी में हुए एक सर्वे में 34 फीसदी लोगों ने बीजेपी के पक्ष में वोट देने की बात कही थी। भाजपा के जनाधार में कुछ महीनों में ही दो फीसदी की गिरावट आई है। यह सरकार की तेजी से गिरती लोकप्रियता का सूचक है।

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