परीक्षा पर्ची लीक होने पर भी परीक्षा रद्द न करने पर वेदप्रकाश विद्रोही ने नायब तहसीलदार पर लगाया आरोप

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    2 जून 2019
    स्वयंसेवी संस्था ग्रामीण भारत के अध्यक्ष वेदप्रकाश विद्रोही ने नायब तहसीलदार परीक्षा पर्चा लीक होने पर भी परीक्षा को रद्द न करने पर हरियाणा लोक सेवा आयोग व प्रदेश भाजपा सरकार की कठोर आलोचना करते हुए आरोप लगाया इससे हरियाणा में सरकारी भर्तियां मेरिट, पारदर्शिता से करने के भाजपा सरकार के दावे की पोल खुल गई1 विद्रोही ने मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर से सवाल किया कि यदि प्रदेश में सरकारी भर्तियां पारदर्शिता से मेरिट के आधार पर ईमानदारी से होती हैं तो नायब तहसीलदार परीक्षा पर्चा लीक होने पर भी परीक्षा रद्द न करना कौन सी पारदर्शिता है !
    प्रदेश में खट्टर राज में हरियाणा लोक सेवा आयोग व हरियाणा कर्मचारी चयन आयोग भर्तियों में अनिमताए आम बात हैं ! पर सरकार ने कभी भी इन अनिमताताओं के कारण न तो भर्तियां रद्द की हैं और न ही धांधली करने वालों को कभी दंडित किया है1 जो अपने आप में प्रमाण है कि मुख्यमंत्री का भर्तियों में पारदर्शिता पर मेरिट, ईमानदारी का दावा मात्र एक छलावा है1 विद्रोही ने कहा कि प्रदेश में ग्रुप-डी की बीस हजार चपरासी-चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों की भर्तियां लोकसभा चुनाव से पहले पारदर्शिता से हुई थी1 उसका मुख्य कारण चुनाव में सरकारी भर्तियो मेरिट, पारदर्शिता से होने को चुनावी लाभ के लिए भुनाना था1
    वैसे भी संघीयो के बच्चों का चपरासी-चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों व पुलिस सिपाहियों की भर्तियों में भाग नहीं लेना भी है1 हरियाणा की जमीनी धरातल की वास्तविकता यह है कि भाजपा की 80% मलाई चाटने वाली तीन जातियो के संघी कभी चपरासी व पुलिस सिपाही पदों में भर्ती के लिए आवेदन करते ही नही1 वे तो केवल व्हाइट कॉलर सरकारी भर्तियों के लिए आवेदन करते हैं1 और इन्हीं व्हाइट कालर सरकारी भर्तियों में भाजपा खट्टर सरकार गुपचुप रूप से सुनियोजित ढंग से धांधली करती है1 विद्रोही ने कहा कि नायब तहसीलदार परीक्षा पर्चा लीक होने बाद भी परीक्षा को रद्द न करना इसका जीता जागता प्रमाण है1
    वेदप्रकाश विद्रोही1
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