Faridabad Police solved Gaurav Sharma Murder case But ??

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Faridabad Wednesday 04 July 2012. 11 Jan 2011 को हुए डबुआ कालोनी के १९ वर्षीय युवक गौरव शर्मा की हत्या की गुत्थी फरीदाबाद पुलिस ने सुलझा तो ली है लेकिन लगभग डेढ़ साल बाद जब इकलौते गौरव की माँ दीप्ति थक कर  चूर हो चुकी थी और दर दर की ठोकरें खाने को मजबूर हो गयी थी | दोस्तों आपको मालूम हो कि गौरव की माँ सेक्टर २१ पुलिस कमिश्नर के आफिस का लगभग १०० चक्कर लगा चुकी है और वो भी डबुआ कालोनी से पैदल चलकर यहाँ तक की सेक्टर १२ जिला अधिकारी आफिस तक भी सैकड़ों बार पैदल चलकर गयी थी | गौरव के असली हत्यारे गिरफ्तार हुए उसे कुछ सकून जरूर मिला होगा लेकिन उसका फरीदाबाद के कुछ पुलिस अधिकारीयों पर से विश्वास उठ गया होगा क्यू की ऐसे पुलिस अधिकारी जो उसे बार बार कहते थे कि तेरे बेटे का कैसे पता लगाऊं कभी इस दफ्तर कभी उस दफ्तर दौडाते थे | मालूम हो कि गौरव अपने पड़ोस के ही श्री कृष्ण की दुकान पर काम करता था और ११ जनवरी को गायब हो गया पुलिस ने अपहरण का मामला दर्ज किया क्यू की गौरव के पिता पुत्तन शर्मा ने बताया था कि गौरव को उसका मालिक श्री कृष्ण बुलाकर ले गया था तब से वो वापस नहीं आया |इस मामले में श्री कृष्ण को गिरफ्तार किया गया जेल भी भेजा गया लेकिन उसने सच नहीं उगला | गौरव की माँ नए कमिश्नर के पास पहुँची और जांच का जिम्मा सी आई ए को दिया गया और सारन थाने के इंस्पेक्टर हेमंत कुमार ने सच का पता लगाने की कोसिस की तब पता चला की श्री कृष्ण और उसके साले  नरेश ने उसी शाम गौरव को मर डाला था और पलवल के पास जाकर रेलवे ट्रैक पर शव को फेंक दिया था | हत्या का कारण ये बताया जा रहा है कि गौरव का श्री कृष्ण की पत्नी से ताल्लुकात थे |
इस काण्ड को लेकर तीस जनवरी २०१११ का मेरा एक लेख…
फरीदाबाद !    डबुआ कॉलोनी गौरव अपहरण कांड का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। शनिवार दोपहर अपहृत गौरव की मां दीप्ति शर्मा ने एसीपी विनोद कौशिक के सामने गुहार लगाते हुए कहा कि यदि  दो दिन तक उसके बेटे का कोई सुराग नहीं लगा, तो वो सारन थाने के सामने आत्मदाह करने पर मजबूर हो जाएगीं। दीप्ति ने कहा की गौरव मेरा इकलौता बेटा था और उसे गायब हुए तीन हप्ते होने वाले हैं और अब तक उसका कोई सुराग नहीं मिला इसलिए उसे आशंका हो रही है कि उसके बेटे की हत्या की गई है। गौरव की मां ने एसीपी कौशिक को बताया कि जब भी उसका बेटा गौरव दो घंटे लेट भी होता था तो मुझे फोन करके मुझे बता देता था कि मै थोड़ी देर से आऊंगा। दीप्ति ने कहा की 11 जनवरी से गौरव का कोई फोन नहीं है वो हर समय मोबाइल को अपने हाथ में रखती है कि कहीं से उसके बेटे का फोन आ जाए। दीप्ति ने कहा कि अब उसकी हर आशाएं धूमिल नजर आ रहीं है क्योकि तीन हप्ते बीत गए अगर वो जीवित होता तो मुझे एक फोन तो जरूर करता। इस मामले में एसीपी कौशिक का कहना था कि पुलिस पूरी तरफ से जांच पड़ताल कर रहे हैं। जिस व्यक्ति के खिलाफ अपहरण का मामला दर्ज है उससे कड़ी पुछताछ कर रही है। एसीपी ने मामले की जांच से संबंधित पुलिस अधिकारिओं को निर्देश दिया की वे गौरव के दोस्तों से भी पूछताछ करें और अपहरण के आरोपी किशन से कड़ी पुछताछ करें।
कुछ भी हो अधिकतर पुलिस वालों ने इस मामले को दबाने की खूब कोसिस की लेकिन सब पुलिस वाले एक जैसे नहीं होते और शायद यही वजह है कि वर्तमान पुलिस वालों ने इस घटना का पर्दाफास कर दिया |

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