फरीदाबाद के महाठग अनिल जिंदल के यहाँ छापेमारी में करोड़ों बरामद होने की अफवाह

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फरीदाबाद: शहर के बहुत कम लोगों को पता होगा कि कुछ वर्ष पहले फरीदाबाद में जब किसी किसान या किसी अन्य व्यक्ति की प्रापर्टी करोड़ों में बिकती थी तो उसके घर सबसे पहले कौन पहुंचता था। आपको बता दें कि उसके पास सब से पहले अनिल जिंदल या शहर के लाला गैंग के अन्य सदस्य के दलाल पहुँचते थे और उसकी रकम को अनिल जिंदल के पास ब्याज पर रखवाते थे और दलाल मोटा कमीशन खाते थे। इसी तरह से जिंदल के पास अरबों रूपये आ रहे जिसकी वो प्रॉपर्टी खरीदते चला गया और कई बड़ी बड़ी बिल्डिंगे बना लीं। शुरू में तो वो ब्याज देता रहा लेकिन जब ज्यादा पैसे आ गए तो धीरे धीरे ब्याज देना बंद कर दिया और लोगों के मूलधन भी संकट में पड़ गए। नाम मात्रा लोगों को कुछ मूलधन मिला, हजारों लोगों का हड़प लिया गया। कुछ को लाखों की जमीन करोड़ों में देकर उसने अपना पीछा छुड़ाया तो कुछ को लाखों के गहने करोड़ों में देकर और इस तरह लोगों को जमकर ठगा।

कई मामले उस पर दर्ज हुए लेकिन उस समय पुलिस ने उस पर नकेल नहीं कसा। अब नए पुलिस कमिश्नर ने उस पर शिकंजा कसना शुरू कर दिया। उसके पास तमाम ऐसे लोगों के भी पैसे थे जिन्होंने बेटी की शादी के लिए रखे थे और उसके दलालों के चक्कर में आकर उसे दे बैठे। जब लोग धरना प्रदर्शन करते थे तो ये जानकारी मीडिया को देते थे। आज एसआरएस ग्रुप के मालिक अनिल जिन्दल के सेक्टर 14 स्थित निवास स्थान पर एक तरफ पुलिस ने कार्रवाई शुरू की तो दूसरी तरफ आयकर विभाग ने उसके दफ्तर पर छापा मारा । सोशल मीडिया पर अफवाह है कि उसके पास से करोड़ों रूपये बरामद किये गए हैं लेकिन अभी तक इसकी पुष्टि नहीं हो सकी है।

आपको मालुम हो कि अनिल जिंदल पर शहर के हजारों लोगों ने पैसे गबन करने का आरोप लगाया है। अनिल जिंदल ने हजारों लोगों को मोटे ब्याज का लालच देकर हजारों करोड़ो रूपए ले लिए और उनके पैसे खा गया, उसके कई दलाल भी मालामाल हो गए। इसी सिलसिले में उनके खिलाफ दो दिन पहले फरीदाबाद के सेक्टर 31 थाने में FIR दर्ज की गयी थी।

दो दिन पहले फरीदाबाद पुलिस ने अनिल जिंदल और कुछ अन्य लोगों के खिलाफ फरीदाबाद पुलिस ने हरियाणा प्रोटेक्शन ऑफ इंट्रेस्ट ऑफ डिपोजिटर एक्ट 2013 के तहत मामला दर्ज किया है।पुलिस के मुताबिक़ थाना सेक्टर-31 ने दिनांक 04.03.18 को अनिल जिन्दल चेयरमैन, प्रतीक जिन्दल, विनोद गर्ग, बिशन बंसल, नानक चंद तायल, पी.के कपूर, जे.के गर्ग, देवेन्द्र अधाना, व अन्य डारेक्टर व एमपलोय के खिलाफ धारा 420, 406, 120बी, आई.पी.सी व 3 हरियाणा प्रोटेकशन आॅफ इंट्रेस्ट आॅफ डिपोजिटर इन एफ.ई एक्ट 2013 के तहत मामला दर्ज किया था।

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