डबुआ एयरफोर्स स्टेशन 100 मीटर मामला, DC से मिले सौ मीटर बचाओ संघर्ष समिति के लोग

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फरीदाबाद: डबुआ एयरफोर्स स्टेशन के 100 मीटर के दायरे में बसे लोग नोटिस मिलने के बाद फिर कई घरों में चूल्हे जलने बंद हो गए हैं । स्थानीय लोगों में डर बना हुआ कि किसी भी समय उनका आशियाना उजड़ सकता है और वो बेघर हो सकते हैं । इसी मामले को लेकर सौ मीटर बचाओ संघर्ष समिति के लोग उपायुक्त अतुल कुमार द्विवेदी से मिले। लोगों ने उपायुक्त को ज्ञापन सौंपते हुए कहा कि उन्हें जो नोटिस भेजे गए हैं उस नोटस में S/O, D/O, W/O नहीं लिखा गया है। नोटिस में न ही मकान नंबर, ब्लाक और वार्ड नंबर लिखा गया है। नोटिस जारी करने की तारीख भी नहीं लिखी गई है। जिस कंपनी ने प्रतिबंधित 100 मीटर दायरे का सर्वे किया है उस कंपनी ने मकान नंबर गलत दर्शाएं हैं, आबादी गलत दिखाई गई है और कई चीजें गलत लिखी गईं हैं जिस कारण लोग भ्रमित हो रहे हैं और परेशान हैं। लोगों ने उपायुक्त से मांग की कि नोटिस के बारे में सटीक जानकारी दी जाए ताकि हम लोग अपनी आपत्तियां 30 दिनों के अंदर दर्ज करवा सकें।

मालुम हो कि पिछले दिनों डबुआ एयरफोर्स स्टेशन के 100 मीटर के दायरे में कोर्ट के निर्देश पर उड़िया कॉलोनी, कपड़ा कॉलोनी, जवाहर कॉलोनी, डबुआ कॉलोनी, फिरोज गांधी कॉलोनी, नंगला गुजरान, गाजीपुर और सारन गांव में सर्वे कराया गया था। सर्वे के मुताबिक इन कॉलोनियों में करीब 2717 मकान 100 मीटर के दायरे में पाए गए हैं। इन मकानों में करीब बीस हजार से ज्यादा लोग रहते हैं। सौ मीटर बचाओ संघर्ष समिति के अध्यक्ष ईश्वर शर्मा ने कहा कि नगर निगम की ओर से पेश की गई सर्वे रिपोर्ट गलत है, क्योंकि तीन साल पहले नगर निगम ने जो सर्वे रिपोर्ट कोर्ट को सौंपी थी उसमें करीब 3200 मकानों को 100 मीटर दायरे में बताया था। इनमें करीब 500 मकान ऐसे बताए गए थे जो साल 2001 के बाद बने। जबकि हाल ही में जारी की गई सर्वे रिपोर्ट में 2717 मकानों को दिखाया गया है। वहीं पिछले दिनों नोटिस बांटे गए नोटिसों पर मकान नंबर सहित कई गलतियां है। इससे साबित होता है कि यह सर्वे गलत तरीके से किया गया है। इस मौके पर पवन जून सहित कई लोग मौजूद थे।

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