खूनी झील का जायजा लेने पहुंचे खतरों के खिलाड़ी LN पाराशर, बोले अवैध खनन से बनी ये झील

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फरीदाबाद: जैसे किसी झुग्गी बस्ती को प्रशासन एक एक नोटिस पर ध्वस्त करवा देता है वैसे कांत एन्क्लेव के निर्माणकर्ताओं के अरावली पर किये गए अवैध निर्माण को तुरंत ध्वस्त कर सुप्रीम कोर्ट के आदेशों का हरियाणा सरकार को पालन करना चाहिए। ये कहना है बार एसोशिएशन के पूर्व अध्यक्ष एवं न्यायिक सुधार संघर्ष समिति के अध्यक्ष वकील एल एन पाराशर का जिन्होंने रविवार को कान्त एन्क्लेव सहित अरावली के कई क्षेत्रों का दौरा किया। उन्होंने कहा कि कान्त एन्क्लेव के अवैध निर्माणकर्ताओं को किसी भी हालत में माफ़ नहीं करना चाहिए। उन्होंने अरावली को तहस-नहस करने का काम किया है।

अनंगपुर के पास बनी एक झील का दौरा करते हुए वकील पाराशर ने कहा कि वन विभाग और प्रशाशन की कमी के कारण ये झील बन गई और अब तक ये झील दर्जनों युवकों की जान ले चुकी है जिसे लोग खूनी झील भी कहते हैं। उन्होंने कहा कि यहाँ हद से अधिक अवैध खनन हुआ और काफी गहराई तक से पत्थर निकाले गए जिस कारण ये झील पैदा हुई और इसी झील के कारण बड़खल की ऐतिहासिक झील का पानी सूख गया क्यू कि ये झील काफी गहरी है और कहीं कहीं दो से चार पांच सौ मीटर तक की गहराई तक पत्थर निकाले गए हैं। उन्होंने कहा इस झील के निर्माणकर्ताओं को अदालत में घसीटने के लिए मैं आरटीआई के माध्यम से वन विभाग से जानकारी हासिल करूंगा। उन्होंने कहा कि कुछ नेताओं ने वन विभाग और अन्य सम्बंधित अधिकारियों की मिलीभगत से यहां हद से ज्यादा गहराई से पत्थर निकाल अरबों कमाए हैं जिन्हे अब उनकी करनी की सजा मिलेगी। उन्होंने कहा कि यहां रिकार्डतोड़ अवैध खनन किया गया है और नेताओं ने अधिकारियों संग मिल अरावली की इज्जत को लूटा है। उन्होंने कहा कि इस झील के आस पास भी सैकड़ों फ़ीट गहराईं तक के पत्थर निकाले गए हैं।
वकील पाराशर ने कहा कि अब तो ये झील बन ही गई है जिसे पाटना संभव नहीं है इसलिए इस झील को पर्यटन स्थल बना देना चाहिए। उन्होंने कहा कि झील के चारों तरफ तार लगाकर इसे जनता के लिए खोल देना चाहिए और पर्यटन शुल्क लगाना चाहिए। उन्होंने कहा कि अरावली पर रविवार मैंने कई अवैध फ़ार्म हॉउस एवं वेंकट हाल का दौरा किया जहां कई जगहों पर अवैध खनन और अवैध निर्माण जारी हैं। उन्होंने कहा कि फरीदाबाद प्रशासन और वन विभाग या तो सोया हुआ है या उसकी मिलीभगत से ये अवैध निर्माण जारी हैं। वकील पाराशर ने कहा कि अरावली को अब भी तहस नहस किया जा रहा है इसलिए जल्द वो सुप्रीम कोर्ट जा रहे हैं और फरीदाबाद के जिला अधिकारी, वन विभाग के अधिकारी, नगर निगम कमिश्नर सहित हरियाणा के मुख्य सचिव के खिलाफ मामला दर्ज करवाएंगे। उन्होंने कहा कि ताजा अवैध खनन और अवैध निर्माण के उन्हें कई बड़े सबूत मिले हैं इसलिए आने वाले समय में कई ऐसे अधिकारी नपेंगे जिन्होंने अरावली पर रिकार्डतोड़ खनन और अवैध निर्माण करवाए हैं।

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