बेरोजगारी को लेकर भाजपा ने नहीं उठाये कदम, कहा आर्शीवाद की जगह खट्टर को प्रायश्चित यात्रा निकालनी चाहिए थी

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अनूप कुमार सैनी: रोहतक। स्वराज इंडिया के अध्यक्ष और जय किसान आंदोलन के नेता योगेंद्र यादव ने भाजपा सरकार पर आरोप लगाया है कि विधानसभा चुनावों से पूर्व जो वायदे जनता से किए थे, उनमें से एक भी वायदा पूरा नहीं किया है।  वे एक स्थानीय होटल में पत्रकारों से बात कर रहे थे।
भाजपा ने वायदा किया था कि सत्तारूढ़ होते ही स्वामीनाथन आयोग की रिपोर्ट अक्षरश: लागू की जाएगी। रोजगार कार्यालयों में जितने भी बेरोजगारों के नाम दर्ज हैं, सभी को नौकरियां दी जाएंगी या उनको 6 से 9 हजार रुपए तक का मानदेय दिया जाएगा। एक भी युवक का नाम रोजगार कार्यालय में नहीं रहने दिया जाएगा लेकिन 15 लाख बेरोजगारों में से महज 647 को ही भाजपा सरकार नौकरी दे पाई है।
आज हालत यह है कि पूरे देश में बेरोजगारी के मामले में नम्बर एक पर आ चुका है। उन्होंने आरोप लगाया कि आज देश की औसत बेरोजगारी दर 6.3 फ़ीसदी है जबकि हरियाणा में 3 गुना अधिक 20.5 फीसदी है। इसके लिए जिम्मेवार सीएम अपनी पीठ थपथपा रहे हैं। जनता से कह रहे हैं कि मुझे आर्शीवाद दो। उनका कहना था कि आर्शीवाद छोड़ो, उनको तो प्रायश्चित यात्रा निकालनी चाहिए। कान पकड़ने चाहिए, माफी मांगनी चाहिए। जवाब देना चाहिए कि जो वायदे किए थे, वे पूरे क्यों नहीं किए।
 स्वामीनाथन आयोग की रिपोर्ट को अक्षरश: लागू करेंगे। किसानों की जमीन अधिग्रहण की सरकारी नीति किसान विरोधी है, इसे ठीक करने का वायदा किया था लेकिन इस नीति को ठीक तो नहीं किया, हां वर्ष 2013 की नीति को ही लागू नहीं किया।
एसवाईएल के बारे पूछे एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि इसका समाधान हो सकता है बशर्ते कि इसे राष्ट्रवाद की निगाह से न देखा जाए। इस विवाद को हिन्दुस्तान और पाकिस्तान के विवाद की तरह नहीं किया जा सकता। इसके लिए हरियाणा और पंजाब के किसानों को आपस में लड़वाना कोई राष्ट्रवाद नहीं है।
 उनका कहना था कि भाजपा चाहती तो 2014 से 2017 के बीच इस विवाद का हल आसानी से निकाला जा सकता था। उस समय केन्द्र, हरियाणा व पंजाब में इनकी सरकार थी लेकिन उस समय इस मामले से इन्होंने आंखें फेर ली। मतलब राष्ट्रवाद सुनाने को, झगड़ाने को, जोड़ने के लिए राष्ट्रवाद नहीं है। सबसे बड़ी जिम्मेदारी पीएम नरेन्द्र मोदी की बनती है कि वे दोनों राज्यों के सीएम को एक मेज पर बिठा कर इस समस्या का समाधान करवाएं।
 हरियाणा में जनसरोकार अभियान का नेतृत्व कर रहे स्वराज इंडिया अध्यक्ष और जय किसान आंदोलन के नेता योगेंद्र यादव ने कहा कि चुनाव से ऐन पहले मुख्यमंत्री द्वारा किसानों के कर्ज पर ब्याज और पैनल्टी माफ करने की घोषणा किसानों की आंख में फिर धूल झौंकने की कोशिश है। उनका कहना था कि किसान और किसान आंदोलनों ने कर्ज मुक्ति की मांग की थी, जिसके बदले मुख्यमंत्री ने बकाया कर्ज के ब्याज और पैनल्टी पर आंशिक छूट की घोषणा की है और वह भी कई शर्तों के साथ। उनका कहना था कि किसानों की मांग कर्ज मुक्ति की है जबकि मुख्यमंत्री ने बकाया करने की छूट देने की घोषणा की है। इस घोषणा का असर केवल उन किसानों पर पड़ेगा, जिन्होंने सहकारी और जिला बैंक से लोन लिया है
 राष्ट्रीयकृत बैंकों से लोन लेने वाले किसानों को कोई फायदा नहीं मिलेगा। जो भी सरकार ने ब्याज माफ किया है, उसमें केवल आंशिक छूट ही घोषित की है। जिस प्रदेश में किसान कर्ज के बोझ के तले दबे हुए हैं, वहां 5 साल के बाद ऐसी आधी अधूरी घोषणा करना एक क्रूर व्यंग कहा जाएगा।
             ज्ञात हो कि स्वराज इंडिया हर दिन अपने जन सरोकार अभियान के तहत खट्टर सरकार के काम से संबंधित किसी नए मुद्दे पर तथ्यात्मक ढंग से खुलासा कर रही है। गरीबों और वंचितों से 2014 घोषणा पत्र में भाजपा द्वारा किए वादों को याद दिलाते हुए स्वराज इंडिया ने बयान जारी कर हरियाणा की खट्टर सरकार पर वादाख़िलाफ़ी का आरोप लगाया है।
    पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष योगेंद्र यादव ने जन आशीर्वाद यात्रा कर रहे मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर को उनके किए योगेन्द्र यादव ने चार मुख्य वायदे याद करवाते हुए कहा कि सत्ता में आने से पहले विधानसभा चुनावों में भाजपा ने हरियाणा की जनता से प्रदेश के प्रत्येक गरीब परिवार को मध्य प्रदेश सरकार की तर्ज पर 1 रुपए किलो अनाज  देने, गुजरात सरकार की तर्ज पर दो लाख रुपए वार्षिक आय के अंतर्गत आने वाले गरीब परिवारों को 2 कमरों वाले मकान बनाकर 20 वर्षों की सस्ती ब्याज दरों पर प्रदान का ऐलान किया था।
      इसके अलावा प्रदेश की सभी अवैध कॉलनियों को नियमित कर उनमें सुविधाएं देने, डिस्ट्रिक्ट प्लानिंग बोर्ड को पुन: जीवित कर उनको योजनाबद्ध करने की नीति बनाने तथा सभी सफाई कर्मचारियों को नियमित कर उनका न्यूनतम वेतन 15000 रुपए मासिक करने की घोषणा की थी।
       उनका कहना था कि इन सभी लिखित वादों ओर सरकार ने हरियाणा की ग़रीब और वंचित जनता के साथ वादाख़िलाफ़ी की है। सरकार ने जिन 910 कॉलोनियों को चिन्हित किया, उनमें से भी वर्ष 2018 तक सिर्फ 76 कॉलोनियों को रेगुलराइज किया गया है। हरियाणा की जनता का आशीर्वाद लेने निकले मुख्यमंत्री खट्टर ने तो बाकी वादों पर तो कुछ भी काम नहीं किया।
 ज्ञात हो कि सत्ताधारी बीजेपी ने हरियाणा प्रदेश को भीषण कर्ज़ के अंधकार में धकेले जाने पर प्रतिक्रिया देते हुए स्वराज इंडिया के खुलासे को गलत बताया है।
पार्टी उपाध्यक्ष और राष्ट्रीय प्रवक्ता अनुपम ने कहा कि स्वराज इंडिया द्वारा प्रस्तुत किया गया हर आंकड़ा और हर जानकारी सरकार के अपने रिपोर्टों से ली गई है या फिर आरटीआई व विधानसभा में दिए गए जवाबों से ली गई हैं। भाजपा द्वारा इन तथ्यों को झूठा बताए जाने का एक ही मतलब हो सकता है कि हरियाणा की खट्टर सरकार गलत रिपोर्ट बनाती है या विधानसभा में झूठ बोलती है।
 स्वराज इंडिया प्रदेश अध्यक्ष राजीव गोदारा ने बीजेपी सरकार को निक्कमा और विपक्षी पार्टियों को बेकार बताते हुए कहा कि हरियाणा को एक नए विकल्प की ज़रूरत है। उन्होंने ने बताया कि जनसरोकार अभियान के तहत बहादुरगढ़ और रोहतक होते हुए यात्रा रेवाड़ी पहुंच गई है जिसका हरियाणा के 13 जिलों से होते हुए 9 सितंबर को मुख्यमंत्री के क्षेत्र करनाल में समापन होगा।
इस मौके पर स्वराज इंडिया के प्रदेश महासचिव दीपक लांबा, अनुपम, मनोज सहरावत, रेणू यादव व एसपी सिंह सहित अन्य नेता मौजूद थे।

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