डीसीपी आत्महत्या केस में फरीदाबाद पुलिस का बड़ा खुलाशा , महिला मित्र के साथ मिलकर दिया था काम को अंजाम

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फरीदाबाद: डीसीपी विक्रम कपूर आत्महत्या केस में फरीदाबाद पुलिस ने बड़ा खुलासा कर दिया है। पुलिस के मुताबिक आरोपी निलंबित इंस्पेक्टर अब्दुल शहीद अपने भांजे को केस से निकलवाने के लिए बना रहा था दबाव। साथ ही महिला मित्र के पति के द्वारा दी गई दरखास्त पर महिला के पति के हक में कार्यवाही कराने हेतु भी बना रहा था दबाब।  गिरफ्तार s.h.o. अपनी महिला मित्र के नाम पर  स्वर्गीय डीसीपी को झूठे केस में फंसाने और अंजाम भुगतने की लगातार दे रहा था धमकी। ऐसा ना करने पर ,पत्रकार दोस्त सतीश के साथ मिलकर फरीदाबाद शहर में बदनाम करने की दे रहा था धमकी।
जिसके चलते दिनांक 14 अगस्त 2019 को स्वर्गीय श्री विक्रम कपूर डीसीपी एनआईटी ने खुद को सरकारी आवास पर सुबह करीब 5:45 बजे, गोली मारकर अपनी जीवन लीला समाप्त कर ली थी।
आत्महत्या के समय स्वर्गीय डीसीपी ने एक सुसाइड नोट लिखा था जिसमें उन्होंने अब्दुल शहीद एसएचओ थाना भूपानी को अपनी आत्महत्या का जिम्मेदार ठहराते हुए लिखा था कि आई एम डूइंग दिस डयु टू अब्दुल , इंस्पेक्टर अब्दुल शहीद वाज ब्लैकमेलीग, विक्रम। सुसाइड नोट व परिजनों की शिकायत के आधार पर अब्दुल शहीद और उसके पत्रकार मित्र सतीश को आत्महत्या करने के लिए मजबूर करने की धाराओं के अंतर्गत थाना सेक्टर 31 में मुकदमा दर्ज किया गया था।
श्रीमान संजय कुमार पुलिस आयुक्त महोदय ने इस केस की तफ्तीश के लिए एसीपी क्राइम श्री अनिल कुमार के नेतृत्व में एसआईटी गठित की गई जिसमें इंस्पेक्टर विमल, एसआई रविंदर और एसआई सतीश को शामिल किया गया था।
एसआईटी ने आरोपित अब्दुल शहीद को गिरफ्तार कर कोर्ट मे पेश कर 4 दिन के पुलिस रिमांड पर लिया था।
एसआईटी टीम ने बताया कि एसएचओ अब्दुल शहीद के भांजे का नाम थाना मुजेसर मे दर्ज हत्या के प्रयास के मुकदमे में शामिल था, जिसका नाम मुकदमा से निकालने के लिए निलंबित एसएचओ अब्दुल शहीद लगातार स्वर्गीय डीसीपी पर दबाव बना रहा था।

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